एलडीए के पट्टेदार की मौत के बाद फर्जी व्यक्ति ने खुद को उसका बेटा बता ऐशबाग में प्राइम लोकेशन की करीब 100 करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जा कर लिया। करीब दो दशक तक जमीनों को वह कबाड़ियों को किराए पर उठाए रहा। गलत दस्तावेजों का उपयोग कर फ्रीहोल्ड कराने में जुटे कब्जेदार की फ ाइल की जांच हुई तो हकीकत सामने आई। शनिवार को एलडीए ने जमीन खाली कराई। वहीं एलडीए वीसी अभिषेक प्रकाश ने कब्जेदार रईस अहमद के खिलाफ एफआईआर कराने का आदेश दिया है।
सचिव पवन कुमार गंगवार ने बताया कि ऐशबाग के भदेवां स्थित खसरा संख्या 209, 210, 211, 212, 213, 214, 218 व 219 पर अवैध कब्जा था। इस जमीन का क्षेत्रफल 3.05 हेक्टेयर है। इसका पट्टा होने का दावा रईस अहमद करता था। एलडीए ने जांच कराई तो पता चला कि नजूल की इस जमीन का पट्टा अब्दुल बासित पुत्र वाहिद अली के नाम पर था। अब्दुल बासित के निधन के बाद रईस अहमद ने खुद को उनका बेटा बता इसपर कब्जा कर लिया। जांच में सामने आया कि अब्दुल बासित की बल्दियत के किसी रिकॉर्ड में रईस अहमद का नाम नहीं है। वहीं रईस अहमद की बल्दियत में अब्दुल बासित का नाम शामिल दिखाया गया।
कार्रवाई हुई तो खुद मौके पर नहीं पहुंचा कब्जेदार
शनिवार को जब एलडीए की टीम कब्जा हटवाने पहुंची तो कब्जेदार खुद मौके पर नहीं आया। उसकी जगह कुछ अन्य लोग विरोध और हंगामा करने पहुंच गए। पुलिस ने इनको वहां से खदेड़ा। नजूल अधिकारी आनंद सिंह ने बताया कि मौके पर कबाड़ का काम चल रहा था। वहीं इसको संरक्षण देने के लिए वहां झुग्गियां बना लोगों को भी बसा दिया गया था।
वीसी ने मांगी भू-उपयोग की रिपोर्ट
वीसी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि इस महत्वपूर्ण जमीन का भू-उपयोग नियोजन विभाग से पूछा गया है। इस जमीन पर दोबारा से कब्जा नहीं हो। इसे सुनिश्चित कराने के लिए इसका उपयोग जल्दी ही योजना बनाकर किया जाएगा।