प्रशासन अब आवासीय योजनाओं में मनमाने तरह से भू उपयोग बदलकर मोटी कमाई में जुटी हाउसिंग सोसाइटीज पर भी शिकंजा कसने जा रहा है।
प्रशासन अब आवासीय योजनाओं में मनमाने तरह से भू उपयोग बदलकर मोटी कमाई में जुटी हाउसिंग सोसाइटीज पर भी शिकंजा कसने जा रहा है।
इसके लिए गठित निगरानी टीम ऐसे निर्माण कार्यों का सत्यापन करेगी जिन्हें सहकारी आवासीय समितियों के सदस्यों के नाम पर बनवाया गया और बाद में इसका भू उपयोग बदल इसे व्यावसायिक बना दिया गया हो।
ऐसी हाउसिंग सोसाइटी पर जुर्माना लगाने के साथ ही निर्माण ध्वस्त किया जाएगा। हाउसिंग सोसाइटीज में स्टांप की चोरी करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
शहरी सीमा से सटे इलाकों में सोना उगल रही जमीन हाउसिंग सोसाइटी की चरागाह बनी हुई है। सोसाइटी सदस्यों को रजिस्ट्री में चार प्रतिशत की छूट मिलती है। यह छूट सोसाइटी वाले जमीन बेचते समय खरीदने वाले को नहीं देते।
इससे राजस्व को भी चूना लगता है। यही नहीं बाद में आवासीय उपयोग के प्लॉट को व्यावसायिक उपयोग में लाकर मोटी कमाई की जाती है। अब इनकी जांच कराने का फैसला हुआ है।