लखनऊ। अवध बस अड्डे के समानांतर डग्गामार बसों का कारोबार फलफूल रहा है। पॉलीटेक्निक ओवरब्रिज से चिनहट चौराहे तक अवैध और अनफिट बसों का धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। चिनहट में एक ढाबे पर अनधिकृत बस अड्डा बना लिया गया है, जहां दलाल यात्रियों को इकट्ठा करते हैं। पर्याप्त संख्या होने पर बस बुलाकर उन्हें गोरखपुर, बस्ती समेत दूसरे शहरों के लिए रवाना कर दिया जाता है।
रोडवेज के संविदा चालकों और परिचालकों ने हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें इन बसों पर अंकुश लगाने में नाकाम हैं। अवध बस अड्डे के आसपास दलाल यात्रियों को सस्ती यात्रा का लालच देकर ई रिक्शे से चिनहट पहुंचाते हैं। इसके अलावा पॉलीटेक्निक ओवरब्रिज के पास भी बसें खड़ी कर सवारियां भरी जाती हैं। करीब 120 डग्गामार बसों के संचालन से रोडवेज को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
न फिटनेस, न परमिट, फिर भी सड़कों पर दौड़ रहीं बसें
अवध बस अड्डे के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरएस वर्मा ने बताया कि डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे गए हैं। इन बसों के पास न फिटनेस प्रमाणपत्र है और न ही परमिट। ऐसे में इनका संचालन यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।
अवैध बस स्टैंड खत्म करने की मांग
पूर्वांचल बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने भी शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में चल रहे अवैध बस स्टैंडों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय शुक्ला ने डीसीपी ट्रैफिक, पुलिस, रोडवेज और परिवहन विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे स्टैंड खत्म कराने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल 2022 को मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा की बैठक में अवैध स्टैंड हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसोसिएशन ने कमता स्थित अवध बस स्टेशन के सामने और आसपास से संचालित 30 डग्गामार वाहनों की सूची भी अधिकारियों को सौंपी थी।
Iअवध बस स्टेशन के आसपास संचालित डग्गामार बसों से रोडवेज की आय प्रभावित हो रही है। अनफिट बसें यात्रियों की जान के लिए भी खतरा हैं। इनके खिलाफ नियमित अभियान चलाने से ही प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी।I
I
-विमल राजन, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेजI
डग्गामार बसों का कारोबार।
डग्गामार बसों का कारोबार।
डग्गामार बसों का कारोबार।
डग्गामार बसों का कारोबार।