भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ के विद्यार्थियों को पिछले तीन साल के दौरान इस वर्ष सबसे कम सालाना औसत पैकेज मिला है। हालांकि किसी एक विद्यार्थी को मिलने वाले अधिकतम वेतन में बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष फरवरी में हुए प्लेसमेंट के बाद बीते दिनों भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ ने वर्ष 2022-24 बैच के प्लेसमेंट की विस्तृत रिपोर्ट जारी कर दी है।
आईआईएम लखनऊ के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी) और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम-एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट (पीजीपी-एबीएम) में इस बार अधिकतम घरेलू पैकेज (सीटीसी) 65 लाख रुपये सालाना और अधिकतम विदेशी पैकेज (सीटीसी) 1.23 करोड़ रुपये का रहा। वहीं औसत वेतन 30 लाख रुपये सालाना रहा। पिछले साल की बात करें तो औसत सालाना पैकेज 32.23 लाख रुपये और वर्ष 2020-22 में 31.03 लाख रुपये था। इस लिहाज से पिछले तीन साल में यह न्यूनतम औसत पैकेज है।
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इस साल सबसे ज्यादा नौकरी कंसल्टिंग क्षेत्र में
इस साल आईआईएम लखनऊ से सबसे ज्यादा 37 फीसदी नौकरियां कंसल्टिंग के क्षेत्र में मिली हैं। इसके अलावा फाइनेंस में 16 फीसदी, सामान्य प्रशासन में 12, ऑपरेशन में तीन, प्रोडक्ट मैनेजमेंट में 19 और सेल्स एंड मार्केटिंग में 13 फीसदी स्टूडेंट्स को नौकरी मिली। पिछले साल की तरह इस साल भी आईआईएम का प्लेसमेंट शत-प्रतिशत रहा।
कठिन वैश्विक परिस्थितियों के चलते आई गिरावट
आईआईएम के औसत पैकेज में भले ही मामूली गिरावट आई हो लेकिन स्टूडेंट्स को मिलने वाले मौकों में कमी नहीं आई है। पीजीपी और पीजीपी-एबीएम बैच के कुल 576 छात्रों के लिए 634 ऑफर हासिल हुए। औसत पैकेज में आई गिरावट के पीछे कारण वैश्विक बाजार में आई मंदी को बताया जा रहा है।
...लेकिन देश और विदेश में मिला अधिकतम पैकेज
आईआईएम लखनऊ के औसत पैकेज में भले ही गिरावट आई हो, लेकिन देश और विदेश में किसी स्टूडेंट को अब तक का अधिकतम पैकेज भी इसी साल मिला है। इस साल देश में फाइनेंस के क्षेत्र में अधिकतम 65 लाख रुपये और विदेश में 1.23 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज मिला है। आईआईएम के अनुसार, यह अब तक का अधिकतम पैकेज है। बीते साल सेल्स एंड मार्केटिंग के क्षेत्र में विदेश में अधिकतम पैकेज एक करोड़ रुपये और सामान्य प्रशासन में करीब 65 लाख रुपये सालाना था।