दुबग्गा में महिलाओं के साथ डॉ सुजाता देव व अन्य।
लखनऊ। केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीन मेरी अस्पताल) की प्रोफेसर डॉ. सुजाता देव के अनुसार माहवारी स्वच्छता की अनदेखी भारी पड़ सकती है। इससे संक्रमण हो सकता है, जो बाद में बच्चेदानी के मुख का कैंसर और बांझपन तक दे सकता है।
माहवारी स्वच्छता जागरूकता दिवस की पूर्व संध्या पर दुबग्गा के बरावन खुर्द गांव में उन्होंने यह जानकारी दी। प्रो. सुजाता ने बताया कि माहवारी हर महिला के लिए जरूरी है। अगर किसी को इसमें समस्या है तो उसे डॉक्टर से मिलना चाहिए। माहवारी के दौरान सफाई का ध्यान रखना चाहिए, जहां तक हो सके सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करें। यह उपलब्ध न होने पर साफ सूती कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है।
माहवारी से पहले कई बार पेट में दर्द की समस्या होती है। जब तक दर्द असहनीय न हो, दवाई नहीं खानी चाहिए। इसके बजाय गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर उससे पेड़ू में सिंकाई करनी चाहिए। मौके पर क्वीन मेरी से सौम्या सिंह और सृष्टि ने बच्चियों को आकर्षक खेल खिलाए और पुरस्कार भी दिए। कार्यक्रम में पुष्पेंद्र सिंह लोधी और स्थानीय लोगों ने सहयोग दिया।
माहवारी के दौरान नहाना न छोड़ें
प्रो. सुजाता ने भ्रांतियों का भी समाधान दिया। कई बार माहवारी के दौरान महिलाएं नहाती नहीं हैं। ऐसा करना गलत है। माहवारी के बाद जननांग में खुजली होती है और दाने पड़ते हैं तो डॉक्टर को दिखाएं। महिलाओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि सफेद पानी कम मात्रा में आता है तो इसे सामान्य समझना चाहिए। बदबू के साथ इसकी मात्रा ज्यादा होने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
...इसलिए 28 मई को मनाते हैं माहवारी स्वच्छता दिवस
सौम्या सिंह ने बताया कि माहवारी स्वच्छता दिवस 28 मई को मनाने के पीछे विशेष वजह है। मासिक चक्र 28 दिन का माना जाता है। इसमें पांच दिन माहवारी के होते हैं। इस कारण साल के पांचवें महीने की 28 तारीख (28 मई) को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है।