वरिष्ठ आईएफएस अफसर एके जैन ने आईएएस अफसर और वन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजीव सरन पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दिया है। जैन का आरोप है कि सरकार को 4721 करोड़ रुपये की हानि पहुंचाने, एफआईआर दर्ज होने के बावजूद सरन को प्रमुख सचिव से अपर मुख्य सचिव पर पदोन्नति दे दी गई।
जैन ने सरन पर नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये बदलवाने और लंदन-दुबई में करोड़ों रुपये के होटल होने का भी आरोप लगाया। उन पर विभागीय संसाधनों का अंधाधुंध ढंग से दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरा मामला सीएम योगी आदित्यनाथ के दरबार में ले जाने की चेतावनी दी है।
वर्तमान में आगरा के प्रमुख वन संरक्षक एके जैन सोनभद्र में हजारों करोड़ रुपये की वन भूमि घोटाले के खुलासे के लिए भी जाने जाते हैं। जैन ने सरन को लिखे पत्र में लिखा है कि उन्हें संजीव सरन की ऊंची पहुंच का भी आभास है।
राज्य सरकार ने उनके खिलाफ शासन को 4721 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाने का आरोप पत्र दिया। फिर भी उन्हें पदोन्नति दे दी गई। उन्होंने लिखा है कि सरन के कार्यकाल में विभाग में जबरदस्त भ्रष्टाचार फैल गया है। वन मंत्री दारा सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जानकारी में यह तथ्य अभी तक नहीं आए हैं। मिलने का समय मिलने पर जैन ने दोनों की जानकारी में पूरा प्रकरण लाने की चेतावनी भी दी है।
सरन के संरक्षण में अनुशासनहीनता
संजीव सरन
- फोटो : amar ujala
सरन को भेजे पत्र में जैन ने लिखा है, मैंने आपको जानकारी दी थी कि आगरा के प्रभागीय वनाधिकारी केके सिंह द्वारा आगरा जोन में अनुशासनहीनता फैलाई जा रही है और आपके संरक्षण के चलते वे ऐसा कर पा रहे हैं।
यह भी लिखा है कि एक जून को आगरा में खंदारी स्थित टोल बैरियर पर सरन ने केके सिंह से एक ढाबे पर बैठक आधा घंटे गुफ्तगू की, वहीं वरिष्ठ होने के बावजूद उन्हें अपने आने की जानकारी तक नहीं दी।
आरोप यह भी
ओखला बर्ड सेंक्चुरी के ग्रेटर नोएडा साइड में ईको सेंसेटिव जोन की संस्तुति करने के एवज में बिल्डरों ने सरन को दो फ्लैट और एक करोड़ रुपये दिए।
नोटबंदी के दौरान सरन ने आगरा वन प्रभाग में दो करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदला। इंटर स्टेट बैरियर पर रजिस्ट्रेशन व ट्रांजिट फीस नई करेंसी में ली, जबकि सरकारी खजाने में पुराने नोट जमा किए। इस तरह से 15-20 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोट बदले।
अपने होटलों का आगरा केडीएफओ से करा रहे प्रचार
- फोटो : amar ujala
जैन ने कहा है कि सरन अपने लंदन और दुबई स्थित होटलों के प्रचार के लिए आगरा के डीएफओ केके सिंह की मदद ले रहे हैं, क्योंकि आगरा में पूरी दुनिया से पर्यटक आते हैं। नोएडा सेक्टर-40 स्थित उनके महलनुमा भवन में वन विभाग की दो चार पहिया गाड़ियां हमेशा रहती हैं, जबकि आपके सरकारी दौरे के दौरान राज्य संपत्ति विभाग की गाड़ियां भी उपलब्ध रहती हैं।
अपर मुख्य सचिव कार्यालय में चल रहा वसूली का धंधा
इन सब बातों का जिक्र करते हुए जैन ने लिखा है, क्या ऐसी स्थिति में आपको (सरन को) बिना कारण मुझे चेतावनी देने और उसको मेरी चरित्र पंजिका में रखवाने का अधिकार है। उन्होंने यह भी खुलासा किया है कि इस तरह की चेतावनी की आड़ में अपर मुख्य सचिव कार्यालय में वन विभाग के अफसरों से वसूली का धंधा चल रहा है।
जैन ने कहा है कि इस पत्र के बाद उन्हें अपर मुख्य सचिव के अगले कदम का भी अहसास है। वे मेरा तबादला करवाकर मुख्यालय से संबद्ध करवा देंगे और फिर आगरा में अपना आदमी बैठाकर उनके (जैन के) खिलाफ कोई न कोई मामला बनवा देंगे, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
सरन ने नहीं उठाया फोन, एसएमएस भेजकर कहा- मीटिंग में हू
आरोपों पर अपर मुख्य सचिव संजीव सरन का पक्ष जानने के लिए फोन से संपर्क किया, पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। देर रात मीटिंग में व्यस्त होने का एसएमएस भेजा। उन्हें दोबारा एसएमएस भेजा गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।