ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में अब जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत नहीं होगी उनको परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम के लिए विश्वविद्यालय की ओर से सख्ती होगी। ये निर्णय मंगलवार को विश्वविद्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने लिया।
कुलपति ने कहा कि किसी भी विभाग में विद्यार्थियों का परिणाम तभी बेहतर हो सकता है जब उनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत होगी। समीक्षा में पाया गया कि कई ऐसे भी विद्यार्थी इस सत्र में रहे जिनकी अभी तक की उपस्थिति 50 प्रतिशत रही है। इसमें सुधार करनेे के लिए आदेश दिए गए हैं। कुलपति ने दावा किया कि भाषा विश्वविद्यालय पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जिसने समय से पहले सेमेस्टर परीक्षा परिणाम घोषित कर कीर्तिमान स्थापित किया है। सभी विभागाध्यक्षों को आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारी करने के लिए भी निर्देश दिए। बैठक में कुलसचिव डॉ. महेश कुमार तथा अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रो. सौबान सईद, प्रो. मसूद आलम, डॉ. अताउर रहमान रहे।