केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी ने चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी समेत कुछ प्रमुख राजनेताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता जताई है।
आईबी ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस बाबत सचेत करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंधों की ताकीद की है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की पत्रकार वार्ता में हुई अफरा-तफरी को भी खुफिया एजेंसी ने गंभीरता से लिया है और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को बेहतर इंतजाम करने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार आईबी ने भाजपा के कुछ प्रमुख नेताओं के साथ ही अन्य पार्टियों के कुछ प्रमुख नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
आईबी ने विभिन्न राज्यों के साथ ही उप्र की खुफिया एजेंसियों को भी इस दिशा में अधिक सतर्कता बरतने को कहा है।
असल में केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने पिछले दिनों आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के प्रमुख ओहदेदार वकास और तहसीन जैसे लोगों की गिरफ्तारी के बाद उनसे मिली जानकारी पर यह चिंता जताई है।
आईएम और सिमी द्वारा रेकी का सिलसिला अयोध्या मसले पर अदालत का फैसला आने के बाद से चल रहा है।
आईएम के आतंकियों ने स्वीकार किया है कि कई नेता उनके निशाने पर हैं। इसके लिए कई जगहों पर रेकी की जा चुकी है।
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय खुफिया एज़ेंसी ने आईएम व सिमी के गठबंधन का हवाला देते हुए कहा है कि आईएम के ओहदेदार खुद सामने न आकर सिमी सदस्यों से कोई घटना करवा सकते हैं।