आईएएस की प्री परीक्षा पास कर चुकी बिठूर की मोनी ने शुक्रवार को मंदिर के घंटे से दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली। मोनी दो दिन से लापता थी। कानपुर के नवाबगंज थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। बैग से मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी चाची और दादी पर जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया है। हालांकि डेढ़ पन्ने के इस पत्र में आत्महत्या की वजह का जिक्र नहीं किया है।
मोनी (23) बिठूर के शिवदीनपुरवा निवासी अयोध्या प्रसाद निषाद की मंझली बेटी थी। अयोध्या की नवाबगंज में सब्जी की आढ़त है। भाई आशीष ने बताया कि मोनी ने पिछले साल ग्रेजुएशन किया था।
वह आईएएस की तैयारी कर रही थी। पहले ही प्रयास में उसने प्री-परीक्षा पास कर ली थी। सात अक्तूबर को सुबह 8 बजे कोचिंग के लिए निकली थी। नवाबगंज में चाचा राजा की दुकान साइकिल खड़ी की। इसके बाद से वह लापता थी।
आठ अक्तूबर को नवाबगंज थाने में गुमशुदगी लिखाई गई।
शुक्रवार को घर से करीब 13 किमी दूर रामेश्वर धाम मंदिर में उसका शव मिलने की सूचना मिली। मंदिर की पुजारिन उर्मिला ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब साढ़े 10 बजे यह लड़की (मोनी) मंदिर के एक कोने में पढ़ते दिखी थी।
दोपहर करीब एक बजे वह फिर मंदिर पहुंचीं तो देखा कि लड़की का शव लटका हुआ था। इंस्पेक्टर संजय मिश्र ने बताया कि लड़की ने सुसाइड नोट में वजह का जिक्र नहीं किया है। शव का पोस्टमार्टम शनिवार को कराया जाएगा।