छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे प्रदेश में पहले चरण का पंचायत चुनाव शांतिपूर्वक निपट गया। 73 जिलों के 218 ब्लॉक में यह चुनाव हुआ। इसमें करीब 63 फीसदी मतदान हुआ।
सात जिलों के 12 बूथों पर राज्य निर्वाचन आयोग ने फिर से मतदान कराने का फैसला लिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए व्यापक प्रबंध किए थे। नतीजतन चुनाव का पहला चरण बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हो गया।
शुक्रवार को 849 जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही 20022 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए वोट डाले गए। मतदान सुबह सात बजे से ही शुरू हो गया था। शाम पांच बजे तक मतदान चला। कई जगह लाइन लंबी होने के कारण देर शाम तक वोट डाले गए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने बताया कि 46612 मतदान स्थलों में से केवल 12 स्थानों पर ही गड़बड़ी की सूचना मिली है। आयोग ने इन सभी पोलिंग बूथों पर फिर से मतदान कराने का निर्णय किया है। सबसे ज्यादा मतदान एटा, अमरोहा, सहारनपुर, लखीमपुर खीरी आदि जिलों में हुआ है।
इन जगहों पर हुईं झड़प
उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ के ब्लॉक शिवगढ़ में असामाजिक तत्वों ने मतपत्र छीनकर उनमें मुहर लगाकर मत पेटियों में डाल दिए। जांच में पता चला कि यहां पर 20-25 की संख्या में असामाजिक तत्व असलहों से लैस होकर आए थे। बलिया में विकासखंड चिलहकर के ग्राम पंचायत पचहुआ में कुछ लोगों ने मतपेटियों में पानी डाल दिया।
फर्रूखाबाद के विकास खंड बड़पुर के ग्राम मीरपुर में पोलिंग बूथ से करीब 250 मीटर दूर दो गुटों में फायरिंग हुई। इसमें दो लोग घायल हुए हैं।
संभल, गोरखपुर व अमेठी में भी गड़बड़ी की शिकायत मिली है। एटा में विकास खंड अलीगंज में बूथ कैप्चरिंग का प्रयास किया गया। यहां पर करीब 100 से अधिक लोगों ने पोलिंग बूथ पर हमला बोलकर मतपेटी को लूटने का प्रयास किया।
यहां होगा पुनर्मतदान
प्रतापगढ़-एक बूथ
बलिया-दो बूथ
फर्रूखबाद-एक बूथ
संभल-एक बूथ
गोरखपुर-एक बूथ
अमेठी-चार बूथ
एटा-दो बूथ
पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण होना ऐतिहासिक
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल का कहना है कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में इतने शांतिपूर्ण, पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव पहले कभी नहीं हुए। यह जिला प्रशासन, ऑब्जर्वर, पुलिस प्रशासन व आयोग की उपलब्धि है। मीडिया का भी शांतिपूर्ण चुनाव कराने में पूरा सहयोग मिला है।
अपने सुरक्षा बलों के दम पर शांतिपूर्ण चुनाव
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने कहा कि हमने पंचायत चुनाव के लिए केंद्र से सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स (सीपीएमएफ) की मांग की थी। लेकिन हमें केंद्र से फोर्स नहीं मिली।
28 कंपनी जो केंद्रीय बल मिला है वह त्योहारों के मद्देनजर कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मिला है। केंद्र से बल न मिलने के बाजवूद हमने अपने सुरक्षा बलों के दम पर शांतिपूर्ण चुनाव करवाया है।
जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सही हो तो बहुत फर्क पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बल की जरूरत है लेकिन यह अगले चरणों में भी नहीं मिलती है तो भी हम शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव करा लेंगे।