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आईएएस उमेश सिंह ने पत्नी के चचेरे भाई पर लगाया वसूली का आरोप, एसएसपी को दिया प्रार्थना पत्र

Sat, 07 Sep 2019 11:36 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सुडा निदेशक उमेश सिंह - फोटो : amar ujala
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प्रोन्नत आईएएस व सूडा निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने पत्नी अनीता सिंह के चचेरे भाई राजीव सिंह पर ईर्ष्या और वसूली का आरोप लगाते हुए एसएसपी को प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि राजीव ने उनके खिलाफ पत्नी की हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में चिनहट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। उमेश का कहना है कि राजीव भूमाफिया है। वह अपने आदमी भेजकर अवैध काम कराने का दबाव बनाता था। मना करने पर छवि धूमिल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से पत्नी अनीता की हत्या का फर्जी केस दर्ज कराया है। उन्होंने एसएसपी से चचेरे साले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उसकी अकूत संपत्तियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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उमेश ने कहा कि उन्होंने कभी राजीव का दबाव नहीं माना और गलत काम करने से साफ मना कर दिया। इससे वह छवि धूमिल करने का मौका ढूंढ़ रहा था। राजीव का उनके परिवार से कोई लेना-देना नहीं है न ही बच्चे उसके बारे में जानते हैं। वह कभी सुख-दुख में शरीक भी नहीं हुआ। रक्षाबंधन पर न कभी राखी बंधवाने आया न ही पत्नी से कभी बातचीत की। अनीता के पिता राम इकबाल सिंह उम्रदराज हैं और बीमार रहते हैं। इसलिए वे साथ में ही रहते हैं। राजीव उनसे भी कभी  मिलने या हालचाल लेने घर नहीं आया।  


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अनीता की बहन और उनके पति सेवानिवृत डीआईजी समेत अन्य रिश्तेदारों ने भी किसी तरह का आरोप नहीं लगाया। राजीव ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से गलत आरोप लगा रहा है। उधर, एसएसपी के प्रवक्ता का कहना है कि आईएएस उमेश प्रताप सिंह की तहरीर को उनके खिलाफ दर्ज हत्या के मामले का बयान मानते हुए विवेचना में दर्ज किया जाएगा।

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अस्पताल पहुंचने तक चल रही थी अनीता की सांस

प्रोन्नत आईएएस उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि घटना वाली दोपहर वह अपने दोस्त ललित मिश्रा के साथ घर पर ही थे। दोपहर करीब ढाई बजे पहली मंजिल पर अनीता के कमरे से गोली चलने की आवाज सुनते ही वह ऊपर दौड़े। कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। उसे तोड़कर भीतर घुसे तो अनीता लहूलुहान सोफे पर पड़ी थी। उसकी सांसें चल रही थीं। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उसे भर्ती करने से इनकार करते हुए ट्रॉमा सेंटर ले जाने के लिए कहा गया। ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों ने अनीता को मृत घोषित कर दिया।

एडीजी ने कहा पारिवारिक मामला
एडीजी पीएसी बीके सिंह ने राजीव की तरफ से दर्ज केस को उनका व उमेश का पारिवारिक मामला बताया। कहा, अनीता की मौत के बाद राजीव उनके घर व अस्पताल गए थे। उन्हें कुछ गलत लगा इसलिए एफआईआर कराई। बाकी तथ्य विवेचना में स्पष्ट होंगे। उमेश मेरे भी रिश्तेदार हैं और अनीता की मौत पर शोक प्रकट करने मैं भी उनके घर गया था।
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