बच्चों को पढ़ाती आईएएस दिव्या मित्तल।
घड़ी में 11 बज चुके हैं। बच्चे अपने अपने क्लासरूम में पूरे मनोयोग के साथ शिक्षक की भूमिका का निर्वहन करने आ रहे अफसरों का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच इंटरमीडिएट की क्लास में जिले की मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल पहुंचती हैं और गुड मार्निंग स्टूडेंटस...आई एम दिव्या मित्तल आईएएस बोलकर बच्चों से मुखातिब होती हैं।
सीडीओ बच्चों को बताती है कि वह उन्हें अंग्रेजी पढ़ाएंगी। इसी के साथ शुरू होता है माई ऑफीसर माई मेंटर कार्यक्रम के तहत इस अभिनव पहल का सिलसिला। सीडीओ ने बच्चों को विलियम शेक्सपियर लिखित मर्चेंट आफ वेनिस पढ़ाना शुरु करती हैं। इसी के साथ यह क्षण जीआईसी की बुक में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो जाता है।
करीब एक घंटे की क्लास के बाद सीडीओ पूरी तरह से शिक्षक की भूमिका में ढल चुकी थीं और बच्चे आम शिक्षक की तरह से उनसे सवाल करते रहे। क्लास के बाद सीडीओ ने बताया कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नही है।
अगर सही मार्गदर्शन मिले तो यह बच्चे भी किसी से कम नही है। सीडीओ की क्लास में राजकीय इंटर कालेज व राजकीय बालिका इंटर कालेज के छात्र छात्राओं समेत जिलाधिकारी जेबी सिंह व पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह भी पिछली बेंच पर विद्यार्थी की भूमिका में नजर आए।
वहीं सीडीओ की क्लास की बगल दूसरी क्लास में एसडीएम सदर व आईएएस अफसर अर्चना वर्मा मौजूद हैं। इस क्लास में ग्यारहवीं के बच्चे बैठे हैं। एसडीएम ने अपना परिचय देने के बाद बच्चों की कॅरियर को लेकर जिज्ञासा के विषय में पूछना शुरू किया।
एसडीएम के कुछ ही देर के संबोधन के बाद बच्चों की झिझक भी दूर हो गई। बच्चों ने कॅरियर से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में खूब सवाल किए और इन परीक्षाओं माइनस मार्किंग के फंडे को भी समझने का प्रयास किया। वर्ष 2014 बैच की आईएएस एसडीएम ने बच्चों को बेहतर ढंग से समझाते हुए उनकी जिज्ञासा को शांत किया। यहां भी डीएम जेबी सिंह चुपचाप बच्चों के बीच में बैठे रहे।