जिस मां के तीन बेटे हों, तीनों ही कमाने-खाने वाले। इसके बावजूद मां वृद्धाश्रम में मृत्युशैय्या पर हो...। तो आप ऐेसी औलाद को क्या कहेंगे...? अपने जीवन की 95 सर्दियां देख चुकी मां के लिए बेटों के दिल ठंडे पड़ चुके हैं। कोई उसे साथ रखना तो दूर, मिलने तक नहीं आता।
गंगा देवी नाम की यह बूढ़ी मां लखनऊ में जानकीपुरम के वृद्धाश्रम में रह रही हैं। वह तीन साल पहले भटकते हुए यहां पहुंची थी। उनके तीन बेटे हैं, इनमें से एक बेटा पल्टन छावनी में रहता है। वह जवाहर भवन में ड्राइवर का काम कर रहा है।
वृद्धाश्रम के निदेशक अर्जुन सिंह ने बेटे से संपर्क किया, लेकिन उसने मुलाकात करने से भी इन्कार कर दिया। वह मां को अपने साथ ले जाने के लिए भी तैयार नहीं है। गंगा देवी के एक बेटे की मौत हो हो चुकी है। गंगा देवी का एक और बेटा विकास नगर सेक्टर तीन में रहता है। वह भी ड्राइवर है।
अर्जुन सिंह ने उससे भी संपर्क किया, लेकिन उसने भी मिलने से इन्कार कर दिया। गंगा देवी का तीसरा बेटा एक प्राइवेट टैक्सी चलाता है। वह कभी अपनी मां से मिलने नहीं आया। अर्जुन सिंह ने बताया कि वह सभी प्रयास कर चुके हैं, गंगा देवी का स्वास्थ्य बेहद खराब है।