कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की मौत की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने यह जानकारी दी। इस मामले में हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
गौरतलब है कि अनुराग के परिवारीजनों ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाई।
अनुराग के भाई मयंक तिवारी का कहना है कि अनुराग पर घोटाले के पेपर पर साइन हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिस पर वो साइन नहीं करना चाहते थे। इसलिए उनके साथ साथ ये हुआ। सीएम से मुलाकात पर उन्होंने बताया कि हमें भरोसा दिलाया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
आपको बता दें कि आईएएस अनुराग का शव 17 मई को हजरतगंज के मीराबाई गेस्ट हाउस के सामने पाया गया था। हत्या की आशंका जताते हुए उनके बड़े भाई मयंक तिवारी, उनकी मां व परिवार के अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
मौत की जांच के लिए लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार ने एसआईटी बनाकर 72 घंटे में रिपोर्ट देने की बात कही थी लेकिन मियाद खत्म होने के बाद भी अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। एसआइटी प्रभारी सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा ने एसएसपी से दो दिन का और वक्त मांगा है।
इस बीच एसएसपी दीपक कुमार ने विसरा जांच की रिपोर्ट के लिए फॉरेंसिक लैब में संपर्क किया तो वहां से तीन से चार हफ्ते लगने की जानकारी दी गई।