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मुस्लिम नहीं हिंदुस्तानी बनकर चुनाव लड़ेंगे जावेद

Fri, 04 Apr 2014 12:14 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/ अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ संसदीय क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी व मशहूर फिल्म स्टार जावेद जाफरी का कहना है कि वे मुसलमान नहीं, बल्कि एक हिंदुस्तानी बनकर चुनाव लड़ने आए हैं, और जीतने पर जनता को अच्छा रिजल्ट देंगे।
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अल्पसंख्यक शब्द से ही उन्हें नफरत है। देश में हर एक व्यक्ति भारतीय है। राजनीति में आने का मकसद पैसे बनाना नहीं बल्कि आम लोगों की खिदमत करना है।

जावेद जाफरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे फिल्म इंडस्ट्री से आए हैं। वहां न तो कोई हिंदू होता है और न ही कोई मुस्लिम, सिख या ईसाई।

समय नहीं रिजल्ट पर है यकीन

जावेद जाफरी के अनुसार जैसे ‌फिल्म इंडस्ट्री में सभी का मकसद अच्छी ‌फिल्म बनाना होता है। उसी तरह राजनीति में आम आदमी पार्टी है।जहां सब मिलकर देश के लिए काम करने आए हैं।

उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता व भ्रष्टाचार देश की बड़ी समस्या है। एक बार बड़ी समस्या हल हो गई तो छोटी-मोटी समस्याएं अपने आप दूर हो जाएंगी।

चुनाव जीतने के बाद लखनऊ को कितना समय दे पाएंगे, के जवाब में जावेद ने कहा कि आपको परिणाम चाहिए या समय।

जावेद कहते हैं, वह रिजल्ट पर यकीन रखते हैं।

राजनीति और ‌फिल्म एक समान

बॉलीवुड से कई लोग राजनीति में आए और वापस चले गए, इस प्रश्न पर जावेद ने कहा कि इस तरह तो राजनीति में भी कई आए और जीतने के बाद नहीं लौटे।

लखनऊ सीट के बारे में जावेद ने कहा कि वे भी अटल बिहारी वाजपेयी का बहुत सम्मान करते हैं।

अगर अटलजी खुद चुनाव लड़ रहे होते तो वे यहां से लड़ने नहीं आते। इस समय राजनाथ सिंह मुकाबले में हैं। सब अपने-अपने मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में हैं।

मैं भी आम लोगों के मुद्दों को लेकर राजनीति में आया हूं। जरूरी नहीं कि हर बड़ा आदमी सही हो और हर छोटा आदमी गलत हो।
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जाति व धर्म को राजनीति से जोड़ना गलत

जावेद ने कहा कि जाति व धर्म को राजनीति से जोड़ना सरासर गलत है। धर्म एकदम निजी मसला है।

हालांकि प्रदेश में जाति व धर्म के नाम पर ही राजनीति हो रही है। इस परंपरा को खत्म करने के लिए ही आम आदमी पार्टी आई है।

जावेद जाफरी आम आदमी पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी के सदस्य इलियास आजमी से भी  मिले और सहयोग मांगा।
इलियास खुद लखनऊ सीट से टिकट मांग रहे थे।

पार्टी ने उन्हें खीरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने टिकट लौटा दिया था।
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