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कार पर पलटा डंपर, नीचे दबने से दंपति की मौत

Sun, 25 Oct 2015 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ/उन्नाव।
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कानपुर हाईवे पर शनिवार सुबह गिट्टी से लदा डंपर अनियंत्रित होकर एक एसयूवी कार के ऊपर पलट गया। इससे कार में सवार लखनऊ निवासी बुजुर्ग दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से डंपर हटवाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गिट्टी में दबी कार को बाहर निकाला जा सका।
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लखनऊ में विकासनगर सेक्टर-4 निवासी चंद्रस्वरूप चतुर्वेदी (62) नेशनल हैंडलूम कॉर्पोरेशन में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर पद से रिटायर हुए थे। यहां बेटे रजनीश चतुर्वेदी के साथ अपने निजी मकान में रह रहे थे। चंद्रस्वरूप व उनकी पत्नी कुसुम (55) नवरात्र पर कानपुर के शारदानगर में स्थित अपने पैतृक आवास पर गए थे।

भाई प्रेमस्वरूप ने बताया कि 15-20 दिन कानपुर में गुजारने के बाद चंद्रस्वरूप पत्नी कुसुम के साथ शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे अपनी एसयूवी कार से लखनऊ के लिए रवाना हुए। चंद्रस्वरूप खुद कार ड्राइव कर रहे थे। कानपुर हाईवे पर अचलगंज थाना क्षेत्र में बंथर के पास पीछे से आ रहे गिट्टी लदे डंपर ने उनकी गाड़ी को तेजी से ओवरटेक करने का प्रयास किया। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार में होने की वजह से डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया।
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इसके बाद गिट्टी समेत डंपर उनकी एसयूवी गाड़ी पर पलट गया। चंद्रस्वरूप और उनकी पत्नी लगभग एक घंटे तक डंपर और गिट्टी के नीचे ही दबे रहे। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने क्रेन का इंतजाम कर डंपर हटवाया। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे दंपती के शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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कागजात व मोबाइल नंबरों से हुई मृतकों की पहचान

गाड़ी में मिले कागजात और मोबाइल नंबर से मृतकों की पहचान हुई और परिवारवालों को सूचना दी गई। इसके बाद बेटा रजनीश और कानपुर से उनके भाई प्रेमस्वरूप व अन्य परिवारीजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अचलगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि डंपर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर गाड़ी के मालिक और चालक तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

हादसे की खबर सुनते ही कॉलोनी में पसरा मातम
चंद्रस्वरूप चतुर्वेदी विकासनगर के सेक्टर-4 में काफी मशहूर थे। वह सबकी मदद में आगे रहते थे। सभी से वह व्यक्तिगत रूप से जुड़े थे। शनिवार को जब दुर्घटना में उनकी मौत की खबर कॉलोनी के लोगों को मिली तो वहां सन्नाटा पसर गया। देर शाम जब दोनों के शव घर पहुंचे तो परिवारवालों के साथ कॉलोनी के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। देर रात तक उनके घर पर दर्जनों लोगों का जमावड़ा रहा।

बेटे और बेटी का इंतजार
भाई प्रेम स्वरूप ने बताया कि चंद्रस्वरूप के दो बेटे और एक बेटी है। सभी की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा रजनीश गोदरेज कंपनी में इंजीनियर है। वह अपने पिता के साथ ही रहता है। लेकिन छोटा बेटा मुख्तांश एक पेट्रोलियम कंपनी में इंजीनियर है और इस समय वह विशाखापट्टनम में तैनात है। बेटी मंजरी चतुर्वेदी भी इंडोनेशिया के जकार्ता में रहती है। परिवारवाले दोनों के आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही अंतिम संस्कार होगा।

हाईवे पर नहीं रुक रही ओवरलोडिंग
हादसे ने एक बार फिर ओवरलोडिंग की हकीकत सामने ला दी है। परिवारवालों का आरोप है कि कानपुर हाईवे पर दिनभर ओवरलोडेड ट्रक और डंपर दौड़ते रहते हैं। पुलिस का उन पर कोई अंकुश नहीं है। अवैध वसूली के चक्कर में इन गाड़ियों को रोका नहीं जाता। इसी वजह से चंद्रस्वरूप और उनकी पत्नी की मौत हुई है।
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