लखनऊ में आठ माह की दुधमुही बच्ची को रविवार की देर शाम लोरी सुना रही महिला के पति ने उससे खाना मांगा। बीवी ने इंतजार करने को कहा तो पति उसे मारने लगा और दूसरी शादी करने की बात कहते हुए तलाक देने की धमकी दी। बीवी ने डायल 100 पर काल करके पुलिस बुला ली।
इसी बीच गांव के लोग भी एकत्र हो गए। पुलिसकर्मियों व लोगों के समझाने पर शौहर माना और बीवी के साथ रहने को राजी हो गया। थाना वजीरगंज क्षेत्र के नगवा गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि परागदत्त मिश्रा ने बताया कि उनके गांव का रहने वाला खातिर अली मजदूरी करता है।
वह रविवार की शाम मजदूरी करके घर वापस लौटा और अपनी बीवी रेहाना खातून से खाना मांगा। बीवी अपने बच्चों में व्यस्त थी। उसके चार बच्चे किस्मत अली 10, रहमत अली 8, सिराजुन निशा 4 व आठ माह की मेराजुन निशा है। आठ माह की रोती बच्ची को लोरी सुनाकर वह मनाने में मशगूल थी।
गांव वालों ने दी बहिष्कार की चेतावनी
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खातिर अली को को भोजन देने में देरी हो गई। जिससे वो नाराज हो गया और बीवी को मारने पीटने लगा। खातिर अली ने रेहाना को तलाक देने की धमकी दी। तलाक की बात सुनते ही बीवी ने डायल 100 पर काल करके पुलिस बुला ली। मियां-बीवी के बीच हुए विवाद में आसपास के लोग एकत्र हो गये।
खातिर अली के पड़ोसी मो. अहमद, अतीक, अलाउद्दीन, अजीज बाबा, हसन अली, इसराइल सिद्दीकी व गांव के प्रधान प्रतिनिधि पराग दत्त मिश्रा ने खातिर अली को समझाया और वह बीवी को तलाक न दे, इसलिए उसका सामाजिक बहिष्कार करने की भी धमकी दी।
डायल 100 के एचसीपी बालकराम यादव ने मौके पर पहुंचकर खातिर अली को लोगों की बात मानने की सलाह दी। सभी के समझाने के बाद खातिर अली को गलती का एहसास हुआ तो उसने अपनी बीवी के साथ ही सभी माफी मांगी और बीवी के साथ राजी खुशी से रहने की कसमें खाईं।