फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाप बना हैवान: पैर पकड़कर बेटा-बेटी मां की जान बख्शने के लिए करते रहे मिन्नतें, निर्दयी आदित्य का न पसीजा दिल

Mon, 06 Nov 2023 11:05 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

आदित्य फ्लैट के भीतर शिवानी पर बर्बरता कर रहा था... पड़ोसी शहनवाज के बेटे ने चीखों की आवाज सुनी...वह सभी वहां पहुंचे। आदित्य के बेटे ने दरवाजा खोला... भीतर देखा कि शिवानी खून से लथपथ बेदम पड़ी हैं। आदित्य ने हाथों उसका गला जकड़ रखा है। बेटा-बेटी उसके पैरों में पड़कर मां की जान बख्शने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। 
विज्ञापन
Lucknow Murder - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखनऊ के महानगर स्थित अलाया अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 में शनिवार रात बच्चों के सामने युवक ने चाकू से गोदकर पत्नी की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद बालकनी से कूदकर भाग निकला, लेकिन कूदने पर उसे चोट लग गई, जिससे वह अस्पताल में भर्ती हो गया। वहां पुलिस उस पर नजर रखे है। 
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि पत्नी से मामूली झगड़ा होने पर उसने यह नृशंसता की। अलाया अपार्टमेंट निवासी शिवानी कपूर (43) महानगर स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप मेमोरियल पब्लिक स्कूल में कॉमर्स की टीचर थीं। वह अपने 14 वर्षीय बेटे शोहम व 13 साल की बेटी पहल के साथ रहती थीं। आपसी विवाद की वजह से पति आदित्य कुछ महीनों से अलग रह रहा था। 

वह कभी कभार आता-जाता रहता था। शनिवार रात करीब सवा 11 बजे वह पत्नी के फ्लैट पर पहुंचा। दरवाजा न खोलने पर गाली गलौज करने लगा। इस पर शिवानी ने दरवाजा खोला तो वह उन्हें बुरी तरह से पीटने लगा। 
विज्ञापन


आदित्य फ्लैट के भीतर शिवानी पर बर्बरता कर रहा था... पड़ोसी शहनवाज के बेटे ने चीखों की आवाज सुनी...वह सभी वहां पहुंचे। आदित्य के बेटे ने दरवाजा खोला... भीतर देखा कि शिवानी खून से लथपथ बेदम पड़ी हैं। आदित्य ने हाथों उसका गला जकड़ रखा है। बेटा-बेटी उसके पैरों में पड़कर मां की जान बख्शने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। 
 
Trending Videos

आदित्य का न पसीजा दिल

निर्दयी आदित्य का दिल नहीं पसीजा। तभी गार्ड भी वहां पहुंच गया। किसी तरह से शिवाना को उसके हाथों से छुड़ाया और शिवानी को बाहर निकाला। तब आरोपी वहां से भागा।
आदित्य की निर्दयता की करतूत जब पड़ोसी शहनवाज ने बयां तो वह उस वह बेहद गुस्से में दिखे। 

उन्होंने बताया कि शिवानी खुद नौकरी करती थीं। वह बहुत ही शालीन थीं। कभी किसी से उनका कोई वाद-विवाद हुआ ही नहीं। लेकिन, आदित्य आएदिन कुछ न कुछ बवाल करने पहुंच जाता था।

जब शिवानी को फ्लैट से बाहर निकाला तो वह पूरी तरह से बेजान से हो चुकी थीं। कुछ ही देर में आंखें भी बंद हो गई थीं। किसी तरह से उनको चादर में डालकर नीचे ले गए। फिर कार से अस्पताल पहुंचाया। फ्लैट से लेकर सीढि़यों तक बस खून ही खून था।

दहशत में बच्चे, मां की हत्या का लगा सदमा
आदित्य ने बच्चों के सामने वारदात को अंजाम दिया। उसकी बर्बर करतूत दोनों बच्चों शोहम व पहल के दिल और दिमाग में कैद हो गए। शहनवाज ने बताया कि दोनों बच्चे कांप रहे थे। चीख चीख कर रो रहे थे। ये भी कहा कि वह रोकने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तब भी मां को वह चाकू मारते रहे। ये सुनकर शहनवाज व उनकी पत्नी भी रो पड़ीं।

कुछ देर पहले भाई वहां से निकला था
परिजनों के मुताबिक, शिवानी का भाई पुनीत उससे मिलने गया था। रात करीब नौ बजे वह पहुंचा था। तकरीबन पौन घंटे तक वह वहीं पर रहा। फिर वह अपने घर चला गया था। पुनीत के जाने करीब सवा घंटे बाद आदित्य फ्लैट पर पहुंचा था।
विज्ञापन

पुलिस को कॉल नहीं लगी
पड़ोसी ने बताया कि घटना के बाद कई लोग लगातार पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर रहे थे लेकिन कॉल लगी ही नहीं। इसको लेकर वह बेहद आक्रोशित दिखे। जब शिवानी को अस्पताल ले जाया गया। तब वहां से पुलिस को सूचना दी गई। पड़ोसियों का कहना था कि पुलिस चौकी पर भी गए लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें