झगड़ा कर पिता घर लाया था, तीन दिन बाद हो गई मौत
बेटी सुमन ने बताया कि पिता क्षत्रपाल (75) की बीते 7 जुलाई को तबीयत बिगड़ी थी। तो भाई महेंद्र को भी सूचना मिली थी। भाई और भाभी अपने परिजनों के साथ लखनऊ पहुंचकर उससे झगड़ा कर पिता को लेकर इलाज कराने की बात कहकर लेकर चले गए थे। उसके तीसरे दिन 9 जुलाई को पिता की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में पहुंची बहनों से भी गाली गलौज की थी। सुमन के पति रमेश ने बताया कि इस कृत्य से वहां मौजूद सभी लोग दंग थे।
ग्रामीण बोले- ऐसे बेटों से बेहतर हैं बेटियां
ग्रामीणों ने मृत पिता के सादे कागज पर अंगूठे लेने पर निंदा जाहिर करते हुए कहा कि जिसने जिंदगी में अपने मां और बाप का सम्मान नहीं किया तो वह मरे हुए पिता का क्या सम्मान करेगा। ग्रामीणों सहित आसपास के गांव में लोगों ने बेटियों की प्रशंसा करते हुए कहा ऐसा दृश्य देखकर भगवान बेटियां ही दें, जिससे बुढ़ापे पर मोहब्ब्त के साथ ख्याल तो रखेंगी।