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UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का बुरा हाल, 63 किमी में मिले 64 गड्ढे; तस्वीरों में देखिए पूरी हकीकत

Thu, 13 Aug 2026 02:28 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के एक महीने बाद सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। करीब 45 किलोमीटर हिस्से में 64 गड्ढे मिले। कई जगह पैचवर्क, सड़क मरम्मत, नालियों और पुल की दरारों पर काम जारी है। मिट्टी के ढेर और घास भी दिखाई दी। निर्माण कंपनी ने मरम्मत तेज कर दी है।
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे का हाल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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टोल शुल्क के लिहाज से देश के सबसे महंगे एक्सप्रेसवे में शामिल कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। उद्घाटन का एक महीना पूरा होने पर अमर उजाला ने एक्सप्रेसवे की लाइव पड़ताल की तो सड़क की गुणवत्ता और निर्माण की तैयारियों पर कई सवाल खड़े होते दिखाई दिए। 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के करीब 45 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड हिस्से में छोटे बड़े 64 गड्ढे मिले। तस्वीरों में देखिए पूरा हाल...

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लखनऊ-काननपुर एक्सप्रेस वे का हाल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

1. 45 किमी में मिले 64 गड्ढे

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के करीब 45 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड हिस्से की पड़ताल में 64 छोटे-बड़े गड्ढे मिले। इनमें से अधिकांश को भर दिया गया है, लेकिन कई स्थानों पर सड़क की लंबी पट्टियों की मरम्मत अभी जारी है। सड़क की स्थिति और जगह-जगह चल रहे काम के कारण एक्सप्रेसवे पर 45 मिनट में कानपुर पहुंचने का दावा जमीन पर करीब 70 मिनट का सफर बन गया है।

लखनऊ-काननपुर एक्सप्रेस वे का हाल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

2. पैचवर्क उखड़ा, दोबारा मरम्मत

कई स्थानों पर पहले की गई मरम्मत का पैचवर्क दोबारा उखड़ा मिला। कानपुर से लखनऊ की दिशा में समस्या ज्यादा नजर आई। कहीं लंबा पैचवर्क किया जा रहा है तो कहीं पूरी सड़क को काटकर नई सतह तैयार की जा रही है।

कई जगह से रोड चटक गई। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

3. सड़क किनारे मिट्टी के ढेर

एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कम से कम 42 स्थानों पर मिट्टी के ढेर मिले। सर्विस लेन के किनारे करीब ढाई फीट तक लंबी घास भी दिखाई दी। इससे निर्माण के बाद की फिनिशिंग और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सड़क पर कई जगह पर उखड़ गई। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

4. 28 से 35 किमी तक मरम्मत

लखनऊ से कानपुर की ओर करीब 28वें से 35वें किलोमीटर तक लगभग साढ़े छह से सात किलोमीटर के हिस्से में साइड लेन और सड़क किनारे मरम्मत का काम चलता मिला। सड़क किनारे गिट्टी, डामर और भारी मशीनें मौजूद थीं।

सड़क पर पानी भरा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

5. नालियां बनीं, फिर तोड़ी गईं

करीब 37.6 किलोमीटर तक पांच स्थानों पर नालियों का काम जारी मिला। नालियां बनने के बाद पानी की निकासी में समस्या सामने आई। कई जगह क्रैश बैरियर ने नालियों का रास्ता बाधित किया, जिसके चलते उन्हें दोबारा दुरुस्त किया जा रहा था।

सड़क पर तेजी से कार्य चल रहा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

6. पुल पर दरार की मरम्मत

39.5 किलोमीटर के पास बने पुल पर दरार भरने का काम तेजी से चलता मिला। इसके कुछ ही आगे 39.8 किलोमीटर के पास सड़क की बड़े पैमाने पर कटाई कर दोबारा निर्माण किया जा रहा था।

एक्सप्रेस-वे पर काम जारी है। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

7. चार लेन में एक पर यातायात

मरम्मत वाले हिस्से में चार लेन में से केवल एक लेन पर यातायात चलता दिखाई दिया। हालांकि औपचारिक डायवर्जन नहीं था, लेकिन मरम्मत और असमतल सड़क के कारण वाहन चालकों की रफ्तार प्रभावित हुई।

मजदूर तेजी से काम पूरा करने में लगे हुए हैं। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

8. शोल्डर पर घास और मिट्टी के कटाव के निशान

कई जगह ग्रेन्युलर शोल्डर के किनारे दो फीट तक लंबी घास मिली। वहीं कुछ स्थानों पर मिट्टी के ढलान कटे हुए दिखाई दिए। जानकारों के मुताबिक पानी की सही निकासी नहीं होने पर सड़क की निचली परत कमजोर हो सकती है, जिसका असर डामर की सतह पर पड़ सकता है।
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कई जगह पर काम जारी है। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

9. पीएनसी ने बढ़ाई मरम्मत की रफ्तार

शिकायतों और सड़क की स्थिति पर सवाल उठने के बाद पीएनसी इंफ्राटेक ने कई स्थानों पर मरम्मत तेज कर दी है। मौसम साफ होने के बाद बुधवार को काम की गति और बढ़ी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उद्घाटन के महज एक महीने बाद एक्सप्रेसवे के इतने बड़े हिस्से में मरम्मत और पुनर्निर्माण की जरूरत क्यों पड़ रही है।
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