आयोग ने अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रयागराज की घटना मानवाधिकार हनन का प्रत्यक्ष उदाहरण है। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 में प्रदत्त शतियों का इस्तेमाल करते हुए इसका संज्ञान लेना जरूरी है।
प्रयागराज में दो दिन पहले थरवई थाना क्षेत्र के खेवराजपुर गांव में पांच लोगों की नृशंस हत्या के मामले में आयोग ने 28 अप्रैल तक एसएसपी प्रयागराज से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रयागराज की घटना मानवाधिकार हनन का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
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मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 में प्रदत्त शतियों का इस्तेमाल करते हुए इसका संज्ञान लेना जरूरी है। एसएसपी अपने स्तर से जांच कराकर 28 अप्रैल को साढ़े 12 बजे तक किसी क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी के माध्यम से आयोग के सामने पेश हों। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष बाल कृष्ण नारायण की ओर से जारी किया गया।