जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार व नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह।
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राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बाल कृष्ण नरायन ने डीएम और नगर आयुक्त को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार की एक छात्रा को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति न मिल पाने के मामले में पेशी है। नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह को नाली और सीवर चेंबर से अतिक्रमण हटवाकर सफाई नहीं कराने पर समन मिला है।
मोती झील कॉलोनी निवासी सोनिया चंदेल की शिकायत है कि अनुसूचित जाति की छात्रा होने से उसे लगातार स्कॉलरशिप मिलती रही। उसके हाईस्कूल, इंटर, बीए में अच्छे अंक भी आए। फिर भी समय पर अनुमोदन नहीं मिलने से बीएड में छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई, जिससे उसकी उच्च शिक्षा प्रभावित हुई। उसने डीएम से प्रकरण की जांच की मांग की थी। आयोग ने भी 26 जुलाई 2021 को डीएम को निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, कोई सूचना नहीं दी गई। अब 14 दिसंबर को उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देना है।
उधर, विकासनगर के सेक्टर 13 की दुर्गापुरम कॉलोनी के राम नरायन ने शिकायत की थी कि उनके घर के सामने की नाली पर अतिक्रमण कर मकान बना लिया गया है। इससे नाली की सफाई नहीं हो पाती। नगर निगम ने यहां सड़क बनाई तो पांच सीवर चेंबर बंद कर दिए। इन्हें फिर से खुलवाकर सीवर लाइन की सफाई की मांग की गई थी। छह मई को आयोग ने इस पर कार्रवाई के लिए निर्देश भी दिया, पर कुछ नहीं हुआ। ऐसे में नगर आयुक्त को समन भेजकर 15 दिसंबर को व्यक्तिगत पेशी का आदेेश दिया गया है।