इस धनतेरस राजधानी लखनऊ सोने पर ‘लट्टू’ हो गई। पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस बार करीब 275 किलोग्राम सोने की बिक्री हुई। यह पिछले साल से करीब 3.5 गुना ज्यादा है। यही नहीं 500 किलो चांदी की बिक्री का आधा है।
विज्ञापन
बढ़ते मार्केट के हिसाब से बात करें तो इस बार भी ऑटोमोबाइल सेक्टर दूसरे नंबर पर बरकरार रहा। इस बार 800 करोड़ के वाहन राजधानीवासियों ने खरीदे। वहीं तीसरे पायदान पर इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स रहा। इस बार करीब 200 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स बिके।
पिछले साल के मुकाबले इस सेक्टर में 25 फीसदी की उछाल देखी गई। पर रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी से इस बार पिछले साल के कारोबार का रिकॉर्ड नहीं टूट सका। इस बार इस सेक्टर ने करीब 300 करोड़ का कारोबार किया।
विज्ञापन
पिछले बार कुल करीब 2100 करोड़ रुपये धनतेरस पर बाजार में आए थे जिसमें अकेले रियल एस्टेट सेक्टर की हिस्सेदारी 1200 करोड़ के आसपास थी। जानकारों के मुताबिक इस बार धनतेरस पर 1600 करोड़ रुपये मार्केट में आए।
राजधानी ने गाया-सोना कितना सोणा है...
200 करोड़ का सोना बिका
गहनों की दीवानगी की बात करें तो इस बार 27 लाख रुपये का हीरे का हार बिका। चौक के कारोबारी आदीश कुमार जैन एवं उमेश पाटिल का दावा है कि धनतेरस पर करीब 100 किलो सोने के अनब्रांडेड गहने बिके।
शहर ने यह गहने खरीदने के लिए 30 करोड़ रुपये खर्च किए। लखनऊ सराफा एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल का अनुमान कि 50 किलो सोने के ब्रांडेड गहने बिके।
जबकि बुलियन कारोबारी ने 50 किलो सोने के बिस्कुट एवं 25 किलो के सिक्के बिकने की बात स्वीकारी। जबकि हीरे के कीमती गहनों समेत 200 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
750 वाहनों की डिलीवरी हुई, देर रात तक होती रही बुकिंग
धनतेरस पर कुल 750 वाहनों की डिलीवरी शाम तक हुई। जबकि वाहनों की बुकिंग और बिक्री देर रात तक चलती रही। जानकारों के मुताबिक इस बार भी इस सेक्टर ने अच्छा कारोबार किया है।
करीब 800 करोड़ रुपये के वाहन बिकने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। 90 लाख की एक्स-5 बीएमडब्ल्यू , 92 लाख की क्यू-7 ऑडी भी बिकी। वाहनों के रजिस्ट्रेशन से धनतेरस पर 60 लाख रुपये ट्रांसपोर्ट विभाग के खाते में पहुंचे।
एलईडी, वॉशिंग मशीन की ‘लूट’
सराफा के बाद धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की ‘लूट’ मची रही। नाका के कारोबारी सतपाल ‘मीत’ कि इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स में से सबसे ज्यादा एलईडी टीवी की सेल हुई।
इस बार मोबाइल का मार्केट भी अच्छा रहा। नाजा मार्केट के जीवेश उपाध्याय ने बताया कि इस बार 15 करोड़ रुपये के लैपटॉप, कंप्यूटर एवं एसेसरीज की बिक्री हुई है।
10 करोड़ के तो बिक गए बर्तन
बर्तन का कारोबार भी अच्छा रहा। कारोबारी हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस धनतेरस पर पहले नंबर पर डिजाइनर बर्तन दूसरे पर कुकवेयर की डिमांड रही। इससे कुल 10 करोड़ का कारोबार हुआ।
पर रियल एस्टेट सेक्टर रह गया एक चौथाई
रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले साल जो बूम आया था वह कायम नहीं रह सका। पिछले बार 1200 करोड़ के मुकाबले इस बार यह सेक्टर 300 करोड़ का ही कारोबार कर सका।
इस हिसाब से देखा जाए तो पिछले साल के मुकाबले यह सेक्टर महज एक चौथाई कारोबार कर सका। विशेषज्ञों का कहना है कि बुकिंग नहीं होने और फ्लैटों की बिक्री नहीं हो पाने की वजह से बहुत कम कारोबार हुआ है।
क्रेडाई के एडिशनल डायरेक्टर प्रेम गर्ग का कहना है कि इस समय मंदी बनी हुई है। इसके बाद भी फेस्टिव सीजन ने थोड़ी राहत दी है।