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गूगल किया, डिक्शनरी खोली लेकिन जब खुद सर्जिकल स्ट्राइक की तब जाना असली मतलब

Fri, 28 Oct 2016 06:39 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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यूपी के सीएम अख‌िलेश यादव ने धनतेरस पर बच्चों को एक थाली और एक ‌ग‌िलास ‌द‌िया। ये सीएम की महत्वाकांक्षी योजना है ज‌िसके तहत परिषदीय विद्यालयों के प्रत्येक छात्र-छात्रा को एमडीएम के ल‌िए एक थाली और एक ग‌िलास द‌िया। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने सभी को धनतेरस की बधाई दी और कहा क‌ि ये बहुत खुशी की बात है क‌ि इस योजना की शुरुआत आज के द‌िन हो रही है। इस मौके पर सीएम ने व‌िरोध‌ियों पर न‌िशाना साथ ही घुमा-फ‌िराकर सपा में छ‌िड़े संग्राम पर भी तंज कसा।
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सीएम ने कार्यक्रम में कहा क‌ि प्रमुख सच‌िव ने इस योजना के बारे में बताया क‌ि ये बर्तन म‌िड-डे मील खाने के ल‌िए हैं और स्कूल में ही रह जाएंगे लेक‌िन मैं समझता हूं क‌ि ये आधी ख‌ुशी  है। ये पूरे के पूरे बर्तन बच्चों के पास ही रहेंगे। बच्चे बर्तन घर ले जाएं और पढ़ने के वक्त स्कूल लेकर आ जाएं। 

सीएम ने कहा क‌ि कई लोगों ने मुझसे कहा क‌ि ये बर्तन बच्चों को घर ले जाने द‌िए तो उनसे ले ल‌िए जाएंगे लेक‌िन मैं समझता हूं क‌ि बच्चों को अगर ये कहकर बर्तन दे द‌िये क‌ि ये तुम्हारें हैं तो वे क‌िसी को हाथ नहीं लगाने देंगे। उन्होंने कहा क‌ि यहां बैठे मां-बाप भी ये बात जानते हैं। इसल‌िए ये बर्तन बच्चों के हैं और बच्चों के ही रहेंगे।
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अख‌िलेश यादव ने इस दौरान अपनी रथयात्रा और रजत जयंती का भी ज‌िक्र क‌िया। उन्होंने कहा, वैसे तो द‌िवाली बड़ा त्योहार है लेक‌िन इसके बाद दो त्योहार और आ रहे हैं। एक हमारे व‌िजयरथ का और दूसरा रजत जयंती का। ये भी हमारे अपने त्योहार हैं। सीएम ने कहा क‌ि छोटे बच्चों की परीक्षा तो खत्म हो चुकी है लेक‌िन हम समाजवाद‌ियों की अभी दो परीक्षाएं बाकी हैं एक 3 तारीख को एक 5 तारीख को ‌ज‌िसमें आप सबको साथ देना है।

अख‌िलेश इस दौरान सरकार की उपलब्ध‌ियां ग‌िनाना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा, हमारे पास जो रसोइया भी मानदेय बढ़वाने आया तो हमने बढ़ाया। उन्होंने बताया क‌ि हमने स्कूलों जब बच्चों को फल बटवाया तो अखबारों से जानकारी म‌िली क‌ि कुछ बच्चों ने मौसम में फल पहली बार खाए थे। हमने दूध भी बंटवाया हालांक‌ि उसमें भी राजनीत‌ि होती है। प्रधानों ने कहा क‌ि खराब दूध बंटवा द‌िया इसल‌िए हमने गरम दूध बंटवाने का फैसला ल‌िया  क्योंक‌ि गरम दूध कभी नुकसान नहीं करता। पुराना दे दोगे तो खराब हो सकता है। सीएम ने कहा स्कूल की व्यवस्था और बच्चों के स्वास्थ्य के ल‌िए भी काम करेंगे। उन्होंने कहा क‌ि सरकारी स्कूलों में प्राइवेट से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है लेक‌िन श‌िक्षा का स्तर भी सुधारना होगा। उन्होंने कहा क‌ि स्कूलों की ब‌िल्ड‌िंग भले ही बड़े स्कूलों जैसी न हो पाएं लेक‌िन स्लेबस एक जैसा करने की पूरी कोश‌िश करेंगे।

ऐसे जाना सर्ज‌िकल स्ट्राइक का मतलब

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
अख‌िलेश ने कहा, मोदी इटावा पहुंचकर बोले क‌ि इटावा में कुछ काम नहीं हुआ। हो सकता है क‌ि इटावा से दूर रहने वाले लोग टीवी पर ये देखें तो सोचेंगे क‌ि हो सकता है क‌ि वाकई काम न हुआ हो। 

लेकिन मैं बता देना चाहता हूं क‌ि बीजेपी के नेता जिस हवाई पट्टी पर उतरे थे और जिस पंडाल में उन्होंने भाषण दिया उस पंडाल को भी हमने और नेताजी ने बनवाया है। 

लेकिन वो ये भूल गए क‌ि पंडाल के पीछे गुजरात से शेर आए थे, वे शेर के बच्चों का हालचाल लिए बिना ही चले गए। इसलिए इन भाजपाइयों से बचना कि प्रचार के माध्यम से जाने क्या कह दें। 

सीएम ने सवाल उठाया क‌ि कितने लोग जानते हैं क‌ि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है, शायद कोई नहीं जानता था। मुझे भी नहीं पता था क‌ि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है। मैंने तो अखबारों पढ़ा, गूगल किया, डिक्शनरी खोली तब पता चला क‌ि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है। लेकिन कुछ दिनों बाद अखबारों ने लिखा कि मुख्यमंत्री ने भी ‌सर्जिकल स्ट्राइक कर दी तब मैं समझा कि असल में सर्जिकल स्ट्राइक क्या है।
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धनतेरस पर उन्हें कह सकता हूं ‘बुआजी’

अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
सीएम ने बसपा पर न‌िशाना साधा और कहा, ये दूसरी पार्टी बसपा, लखनऊ से बेहतर इन्हें कौन जानेगा। इन्होंने न जाने किस-किस की मूर्ति लगा दी।हमारे मन में कभी नहीं आया क‌ि हम अपनी मूर्ति लगा दें लेकिन बसपा की मुख्यमंत्री के दिमाग में न जाने कहां से आ गया क‌ि हम अपनी मूर्ति लगा दें। उन्होंने अपनी मूर्त‌ि भी लगवा ली।
इस दौरान सीएम ने एक बार मायावती को बुआ कहा। पहले वह उन्हें बसपा मुख्यमंत्री बोले फिर कहा क‌ि उन्हें हम पहले बहुत अच्छे नाम से बुलाते थे लेकिन उन्हें पसंद नहीं। हालांक‌ि आज धनतेरस है तो हम कह सकते हैं क‌ि देश में कहीं उदाहरण मिले जहां किसी ने अपनी जिंदा होते हुए मूर्ति लगाई हो। लेकिन हमारी बुआ जी ने जिंदा होते हुए अपनी मूर्ति लगाई। 
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