लखनऊ। ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) से सर्वाइकल के अलावा अन्य कैंसर भी संभव हैं। गुदा के कैंसर के 90 प्रतिशत मामले इसी से जुड़े होते हैं। ऐसे में एचपीवी से सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है। माता-पिता को बच्चों को इसके बारे में बताने की जरूरत है।
कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में स्त्री कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या गुप्ता ने यह जानकारी दी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के जरिये पूरे देश में चलाए जाने वाले पब्लिक हेल्थ इनिशिएटिव के तहत लखनऊ में बृहस्पतिवार को हुए कॉनकर एचपीवी एंड कैंसर कॉन्क्लेव में वह मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में सलाहकार एवं निदेशक, किलकारी शिशु एवं बाल चिकित्सालय के डॉ. अभिषेक बंसल ने कहा कि एचपीवी के संक्रमण का खतरा 15 से 25 वर्ष की उम्र के बीच अधिक होता है। शुरुआत में ही इसकी पहचान करना और इसे फैलने से रोकने के कदम उठाना बेहद जरूरी है। अब कम खर्चीले वैक्सीन उपलब्ध हैं।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर पराग देशमुख ने बताया कि कॉन्क्लेव से हम एचपीवी के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. अभिषेक बंसल, सलाहकार एवं निदेशक, किलकारी शिशु एवं बाल चिकित्सालय, डॉ. संगीता मेहरोत्रा, डॉ. सोनिया लूथरा, डॉ. आशुतोष वर्मा आदि थे।