पारा गिरते ही कोल्ड डायरिया के मरीज भी सामने आने लगे हैं। बलरामपुर और सिविल अस्पताल में कोल्ड डायरिया के 25 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इनमें अधिकतर बच्चे हैं।
बलरामपुर की इमरजेंसी में सनम, आलिया, शीबा, बाल रोग विभाग के वार्ड में रुद्राक्ष, आफरीन, शिवानी भर्ती हैं। इसी तरह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल (सिविल) में आदिल, नितिन, शाहीन को भर्ती कराया गया है।
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को सर्दी से बचाना बहुत जरूरी है। थोड़ी सी दिक्कत में ही उन्हें निमोनिया और डायरिया की शिकायत हो जाती है।
केजीएमयू के बाला रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह कहते है कि ठंड बच्चों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। उन्हें गर्म कपड़े अच्छी तरह से पहनाएं।
सिर, कान और गले को ठीक से ढक कर रखें। जिससे उन्हें ठंडी हवा न लग जाए। चाहे जितनी भी धूप हो बच्चे को खुले में न नहलाएं। इससे उसे ठंड लग सकती है।