विश्व होम्योपैथी दिवस की पूर्व संध्या पर लविवि के कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा जन स्वास्थ्य की आकांक्षाओं व अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है।
यह पद्धति अपेक्षाकृत कम खर्चीली व दुष्परिणाम रहित तथा रोग को जड़ से ठीक करने वाली है। वह चिनहट स्थित एक निजी अस्पताल के प्रेक्षागृह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि होम्योपैथी की ये मीठी गोलियां बड़े से बड़े गंभीर रोगों को ठीक करने में कारगर हैं। इस पद्धति को बढ़ावा देने की जरूरत है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. अवधराम ने कहा कि अभी गांवों में होम्योपैथी के प्रति जागरूकता की कमी है।
होम्योपैथी के बारे में व्याप्त तमाम भ्रांतियों को दूर करने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाना चाहिए। केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनुरुद्ध वर्मा ने कहा कि सरकार होम्योपैथी द्वारा कम व्यय में ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है।
पूर्व निदेशक होम्योपैथी प्रो. डॉ. बीएन सिंह ने कहा कि होम्योपैथी को घर-घर पहुंचाना सरकार व चिकित्सकों का लक्ष्य होना चाहिए। इसे व्यवसाय के बजाए सेवा की तरह अपनाना चाहिए।
डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने हड्डी एवं जोड़ों के रोगों के उपचार में होम्योपैथी की कारगरता, डॉ. निशांत श्रीवास्तव ने चर्म रोगों के उपचार में होम्योपैथी की भूमिका पर चर्चा की।