एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण ने बताया कि होमगार्ड विभाग के एक प्लाटून कमांडर ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद जिले स्तर पर सैंपल के लिए सात थानों में दो माह (मई व जून) के दौरान लगाई गई होमगार्डों की ड्यूटी की जांच कराई गई। इसमें करीब 8 लाख रुपये का घपला सामने आया।
2 की ड्यूटी लगाई, 10 का वेतन हड़पा
कुछ मामले ऐसे भी हैं, जहां थानों में दो होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई और 10 होमगार्ड की ड्यूटी दिखाकर वेतन लिया गया। इसके लिए थाने की फर्जी मोहर का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा है। इसकी विस्तृत जांच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
होमगार्डों की ड्यूटी रोजाना लगाई जाती है। इसके लिए होमगार्ड के अधिकारी मास्टर रोल तैयार करते हैं। इसी में खेल किया गया। अगर किसी थाने या ऑफिस में 5 होमगार्डों की जरूरत है, तो मास्टर रोल पर 5 के बजाय 10 या 12 होमगार्ड को ड्यूटी पर दिखाया जाता था। इसके लिए संबंधित थाने व दफ्तर की फर्जी मुहर इस्तेमाल की जाती थी। इसके एवज में उन होमगार्डों को भी कुछ पैसे मिलते थे, जिनका फर्जी मास्टर रोल पर नाम होता था। नोएडा पुलिस के अनुसार, जिले में करीब 500 होमगार्ड हैं। इन्हें ड्यूटी करने पर रोजाना के हिसाब से 600 रुपये मिलते हैं।
कहां होती थी तैनाती
होमगार्डों की तैनाती थानों के अलावा पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के कार्यालय में तैनाती होती है। साथ ही किसी कार्यक्रम, जुलूस, ट्रैफिक विभाग में भी ड्यूटी लगाई जाती है।