गृहमंत्री ने सीआरपीएफ के जवान प्रमोद कुमार की शहादत का जिक्र किया। कहा, कुमार ने बड़ी ही बहादुरी के साथ आतंकियों का सामना किया था। उन्होंने एक अन्य जवान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा सिर्फ सीआरपीएफ में ही देखा गया है कि किसी जवान को नौ-नौ गोलियां लगी हों, उसके बाद भी वह लड़ता रहा और जिंदा हो। सीआरपीएफ ने देश की जनता में भरोसा और विश्वास पैदा किया है।
फोर्स को रैपिड होना चाहिए, रैकलेस नहीं
गृहमंत्री ने कहा कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान रैपिड एक्शन के लिए जाने जाते हैं। ये जवान कम से कम संसाधन का प्रयोग करते हुए अधिकाधिक रिजल्ट देते हैं। उन्होंने रैपिड एक्शन का मतलब कभी भी रैकलेस (लापरवाही वाला) एक्शन नहीं हो सकता है। उन्होंने बताया कि आरएएफ की पांच नई बटालियन का गठन किया गया है। इसके अलावा देहरादून में आरएएफ रेंज मुख्यालय और मेरठ में अस्थाई रूप से आरएएफ एकेडमी फॉर पब्लिक आर्डर की भी स्वीकृति दे दी गई है।
सीआरपीएफ ने इस वर्ष जनवरी से 20 सितंबर के बीच 131 नक्सलियों व आतंकवादियों को मारने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा 1278 जिंदा भी पकड़े हैं। जबकि 58 आतंकियों व नक्सलियों ने सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। इनसे भारी मात्रा में हथियार, गोला, बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।