भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अफसर ने आवाज बुलंद की तो बजाय कार्रवाई के, उसी अफसर का महत्वहीन पद पर तबादला कर दिया गया। यह अधिकारी हैं होमगार्ड विभाग में एडीजी रहे जसवीर सिंह। जसवीर सिंह ने विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई कराने के लिए होमगार्ड के कमांडेंट जनरल डॉ. सूर्य कुमार को पिछले महीने 20 सितंबर को एक पत्र लिखा था।
इससे हड़कंप मच गया । आनन फानन में जसवीर का ही तबादला कराने के लिए विभागीय अफसर एकजुट हो गए। एक माह की मेहनत के बाद सरकार ने जसवीर को होमगार्ड से हटाकर रूल्स और मैन्युअल में एडीजी बना दिया। जसवीर ने लिखा था, विभाग में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के कई मामले सामने आए हैं।
इसमें तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराना जरूरी है। पूर्व में भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए जसवीर ने लिखा कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और मनमानी के बारे में 7 सितंबर, 15 सितंबर और 19 सितंबर को भी पत्र भेजा गया, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जसवीर ने पत्र में लिखा था कि भ्रष्टाचार छिपाने की नियत से अफसर उन्हें सूचनाएं नहीं दे रहे हैं। डीजी होमगार्ड की मौजूदगी में हुई अनुशासनहीनता का जिक्र करते हुए लिखा, आपके संज्ञान में होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, न ही कोई सुधार हुआ।