रात के करीब ढाई बजे थे। बेकरी में काम के बाद बाहर ही हम पांचों सो रहे थे। दनदनाती कार हमें और साथियों को चपेट में लेते निकल गई। बंगलूरू का नूरउल्ला मारा गया।
गोंडा के मुस्लिम शेख और अब्दुल्ला शेख को तो डेढ़ महीने अस्पताल में बिताने पड़े। पैरों में रॉड पड़ गई। हमें और गोंडा के मन्नू खां को तो कुछ ही दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिल गई। पर आज भी देर तक खड़ा नहीं रह सकता। काम नहीं कर सकता। यह कहते सुल्तानपुर के कलीम के आंखों में गुस्सा उतर आता है। कहते हैं-लंबी जंग लड़ी। सजा की खबर सुनी तो बड़ा सुकून मिला।
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सलमान खान के खिलाफ देहात कोतवाली क्षेत्र के भरहापारा गांव निवासी मुस्लिम शेख (30) ने भी गवाही दी। हादसे में उसकी कमर पर कार चढ़ गई थी और वह निशक्त हो गया। अब वह बैसाखी के सहारे ही चलता है। मुस्लिम कहता है, सलमान को सजा हो इसके लिए जितनी बार गवाही के लिए बुलाया गया, मैं गया। मुस्लिम व उसके पिता नियामत अली का कहना है कि इस सजा से उन्हें उतनी खुशी नहीं है जितनी होनी चाहिए।
स्टीयरिंग की तरफ से उतरे थे सलमान
सबकुछ साफ देखा था हमने। कार की स्टीयरिंग की तरफ से सलमान खान उतरे जबकि बाईं तरफ से पुलिस वाला रवींद्र पाटिल। पीछे की सीट से एक शख्स और नीचे उतरा था। सलमान खान ने शराब पी रखी थी। पैर लड़खड़ा रहे थे उनके। दुर्घटना के बाद तीनों पैदल ही घर चले गए।
पर जिंदगी पटरी पर लाने के लिए पैसा चाहिए। हमें मुआवजा मिलना चाहिए। कलीम जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुड़वार थाना क्षेत्र के असरोगा गांव के रहने वाले हैं। कहते हैं, रोजी-रोटी के लिए मुंबई गया था।
वहां हिलरोड पर बेकरी में काम मिल गया। काम के बाद फुटपाथ पर ही हमारी रात कटती। उस रात भी हम वहीं सोए थे। दुर्घटना के बाद करीब एक साल तक मुंबई में रहा। फिर लौट आया।
पर नूर उल्ला के परिवारवालों को इंसाफ दिलाने के लिए जंग जारी रही। जितनी बार गवाही के लिए बुलाया, मैं गया। ...13 साल लग गए सजा सुनाने में।
बहरहाल मलाल तो इस बात का है कि आज तक हमें कोई मुआवजा नहीं मिला। सजा से भी ज्यादा जरूरी मुआवजा है हमारे लिए। जब देर तक खड़ा नहीं रह सकता तो खेतीबाड़ी क्या खाक करूंगा।
हिट एंड रन के पीड़ित मोहम्मद कलीम के परिवार में पत्नी रुखसाना बानो और इकलौती बेटी तैयबा बानो (12) हैं। दुर्घटना के बाद कलीम घर चला आया। सलमान खान को सजा सुनाए जाने पर पत्नी रुखसाना ने कहा कि उसका पति सलामत है। उसे और कुछ नहीं चाहिए।