प्रदेश के कई हिस्से जहां सांप्रदायिक संघर्ष की आंच में झुलस रहे हैं वहीं बिधनू के कठारा गांव में हिंदू-मुसलमानों ने प्रेम और भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश की कि गांव का हर शख्स वाह-वाह कर उठा।
यहां रामलीला के मंच पर मुहर्रम के ताजिए रखे गए। मंच के नीचे हिंदू-मुस्लिम गले मिले। करीब आधा घंटे तक ताजिए मंच की शान बने रहे और उसके बाद रामलीला शुरू हुई।
कठारा गांव में करीब 1600 हिंदू और साढ़े पांच सौ की मुस्लिम आबादी है। यहां हर साल दशहरे वाले दिन से रामलीला शुरू होती है। इस बार इसी दौरान मुहर्रम पड़ जाने से पुलिस के सामने सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।
प्रदेश के कई हिस्सों में बवाल के कारण गांव वाले भी सशंकित थे। इस पर थाने में पीस कमेटी की बैठक बुलाई गई। दोनों पक्षों से मोहम्मद तसलीम, हलीम, दिलदार खां, आरिफ, बालेंद्र सिंह राठौर, कमल सिंह, अनिरूद्ध सिंह और अजय गुप्ता पुलिस के साथ बैठे।