आदित्य कुमार श्रीवास्तव से हजरतगंज कोतवाली में पूछताछ करते पुलिसकर्मी।
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पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने ड्यूटी में लापरवाही पर केडी सिंह बाबू स्टेडियम चौकी प्रभारी संदीप तिवारी व परिवर्तन चौक पर लगी पीआरवी के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर इनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। हत्यारों की तस्वीर जारी कर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया। हत्याकांड के खुलासे के लिए एसटीएफ के अलावा पुलिस व क्राइम ब्रांच की आठ टीमें लगाई गई हैं।
रणजीत हत्याकांड पर समाजवादी पार्टी ने कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। सपा के ट्वटिर अकाउंट से लिखा गया है कि दिनदहाड़े हत्याकांड से आम जनमानस में दहशत है। उत्तर प्रदेश में पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है। निकम्मी सरकार को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
1.32 लाख किलोमीटर चलाई थी साइकिल, लिम्का बुक में दर्ज है नाम
रणजीत का असली नाम रणजीत श्रीवास्तव था। 2010 से रणजीत भारतेंदु नाट्य अकादमी के ग्रेडेड आर्टिस्ट रहे। 1.32 लाख किमी साइकिल चलाने के लिए लिम्का बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड में उनका नाम शामिल किया गया। सपा सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा भी मिला। व्यक्तिगत कारणों से अखिल भारतीय हिंदू महासभा से अलग होकर उन्होंने विश्व हिंदू महासभा का गठन किया। वह भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।
रणजीत ने की थीं तीन शादियां
पुलिस के अनुसार रणजीत ने तीन शादियां की थीं। पहली शादी कुशीनगर की कालिंदी शर्मा, दूसरी स्मृति तो तीसरी शादी लखनऊ में एक प्रशासनिक अधिकारी की बेटी निर्मला श्रीवास्तव से की थी। कुछ दिनों तक पहली पत्नी से नाता टूटा रहा, फिर दूसरी को छोड़ दिया। तीसरी शादी की जानकारी पर पहली व तीसरी से काफी विवाद हुआ। इसके बाद दोनों में सुलह हो गया।
कमलेश तिवारी व रणजीत बच्चन।
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बता दें कि 18 अक्तूबर को हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की दो लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। दोनों बदमाश भगवा कपड़े पहने हुए थे और मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर लाए थे। दोनों नाका स्थित खुर्शेदबाग की तंग गलियों में स्थित कमलेश के घर पहुंचे थे। पहली मंजिल स्थित पार्टी दफ्तर में पहले उनकी गर्दन पर गोली मारी। फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया था। पुलिस ने मौके से .32 बोर की एक पिस्टल व एक खोखा बरामद किया था।
हत्या ऐसी जगह जहां सीसीटीवी कैमरे की नजर नहीं
विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या उस स्थान पर की गई जहां सीसीटीवी कैमरे की नजर नहीं जाती। ब्लैक स्पॉट पर हत्या से सवाल उठता है कि क्या ये महज इत्तफाक था या फिर बदमाशों को इसके बारे में बखूबी पता था। सवाल इसलिए उठ रहा है कि अमूमन रणजीत मॉर्निंग वॉक करने उस ओर नहीं जाते थे। कहीं उन्हें साजिश के तहत तो ग्लोब पार्क के पास तो नहीं ले जाया गया?
होटल क्लार्क अवध तिराहे से स्वास्थ्य भवन तिराहे की ओर जा रही रोड पर जहां हत्या की गई, वह जगह सीसीटीवी कैमरों की कवरेज से दूर होने की वजह से एक तरह से ब्लैक स्पॉट में आता है। होटल क्लार्क अवध तिराहे से स्वास्थ्य भवन तिराहे की ओर जा रही सड़क के डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट खंभे पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन उसका एंगल क्लार्क अवध की तरफ का इलाका कवर करता है। लेकिन डिवाइडर पर दूसरा कैमरा नहीं है।
स्वास्थ्य भवन तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस बूथ के सामने पोल पर ट्रैफिक लाइट्स तो लगी हैं, लेकिन सीसीटीवी कैमरा नहीं है। इसी रोड पर डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट पर अगला कैमरा कमिश्नर दफ्तर के पास बने हनुमान मंदिर के सामने एक खंभे पर लगा है। हत्या वाली जगह से ये दूरी लगभग 200 मीटर के आसपास है।
रणजीत बच्चन मॉर्निंग वॉक के लिए रोजाना नगर निगम मुख्यालय के पास बने दयानिधान पार्क तक जाते थे। पर, रविवार सुबह उनका करीब डेढ़ किमी. और आगे ग्लोब पार्क तक जाना शक पैदा कर रहा कि कहीं उन्हें साजिश के तहत तो वहां नहीं ले जाया गया? पुलिस भी इसकी पड़ताल कर रही है कि क्या हत्यारों ने साजिश के तहत तो नहीं ग्लोब पार्क तक बुलाया था?
पुलिस रणजीत और उनके घायल दोस्त आदित्य के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। ओसीआर बिल्डिंग से रणजीत रोजाना सुबह पांच बजे से 5.30 बजे के बीच मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते थे। वह बिल्डिंग से ही किसी न किसी को साथ ले जाया करते थे। ओसीआर से निकलकर विधानसभा रोड होते हुए भाजपा मुख्यालय वाले मोड़ से नगर निगम के सामने बने दयानिधान पार्क तक जाते थे। वहां टहलने व व्यायाम के बाद सामने स्थित शर्मा टी स्टॉल पर चाय पीते थे। बातचीत व विचार-विमर्श करते थे और सुबह आठ बजे तक घर लौट आते थे। घर पर एक अटेंडेंट काम के लिए आता था।
पत्नी मॉर्निंग वॉक से लौटीं!
ओसीआर बिल्डिंग में मौजूद लोगों ने यहां तक कहा कि रणजीत बच्चन की पत्नी कालिंदी शर्मा भी कभी कभार उनके साथ मॉर्निंग वॉक पर जाती थीं। रविवार को भी वह वॉक पर निकली थीं। चूंकि रणजीत काफी तेज चलते थे, इसलिए उनकी पत्नी रास्ते से ही वापस लौट आईं। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी।
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प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा के मुताबिक हत्यारों ने रणजीत की कई दिनों तक रेकी की। वारदात के पूरे तरीके से साफ है कि उनके मॉर्निंग वॉक से लेकर हर जगह आने जाने के समय और उनके साथ कौन रहता है इसकी पूरी जानकारी हासिल थी। इसके बाद हत्या की साजिश रची।
रविवार को सुबह दो बदमाशों ने उनका हजरतगंज से पीछा शुरू किया। परिवर्तन चौक होते हुए क्लार्क अवध तक गए। जैसे ही वह सीडीआरआई की तरफ मुड़े मौका देखकर बदमाशों ने पहले उनके मोबाइल छीने इसकेबाद गोली मार दी। पुलिस रणजीत बच्चन व आदित्य के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है। ताकि उनके मोबाइल पर कॉल करने वाले संदिग्धों की शिनाख्त की जा सके।