हिंदूवादी संगठनों के नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने और तिवारी के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने और घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। आशंका जताई गई है कि कमलेश तिवारी की हत्या का सीधा संबंध श्रीराम जन्मभूमि पर आने वाले फैसले से है।
हिंदू विरोधी ताकतों ने हिंदुओं में दहशत फैलाने के लिए तिवारी की नृशंस हत्या की है। ज्ञापन देने वालों में सतीश मिश्र, अंकित शर्मा, प्रेमा कश्यप व स्वामी गोपालानन सहित अन्य कई लोग शामिल थे।