ग्लोबल इन्वेस्टर समिट टौचन इंटरनेशनल लि. हांगकांग ने 189849 करोड़ रुपये का निवेश किया। जिसमें गौतमबुद्धनगर, मिर्जापुर, आगरा, लखनऊ और वाराणसी के लिए प्रस्ताव दिए गए। भारत की आरजी स्ट्रेटजीज ने 173031 करोड़ का निवेश किया। इस कंपनी ने भी पहले स्थान पर गौतम बुद्ध नगर को ही रखा।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में खूब धनवर्षा हुई। निवेशकों को सबसे ज्यादा गौतम बुद्ध नगर भाया, जिसमें कुल निवेश का 45 प्रतिशत हिस्सा गया। इस मामले में मध्यांचल पिछड़ गया जबकि बुंदेलखंड के लिए भी इस बार खूब निवेश के प्रस्ताव आए। वर्ष 2018 की समिट में पूरे उप्र में कुल 4.68 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए थे। इस बार 4.28 लाख करोड़ का निवेश तो केवल बुंदेलखंड के लिए ही हो गया।
विज्ञापन
एक ही जिले में 27 प्रतिशत से ज्यादा निवेश, बुंदेलखंड में 13 फीसदी
टौचन इंटरनेशनल लि. हांगकांग ने इस समिट में 189849 करोड़ रुपये का निवेश किया जिसमें गौतम बुद्ध नगर, मिर्जापुर, आगरा, लखनऊ और वाराणसी के लिए प्रस्ताव दिए गए। भारत की आरजी स्ट्रेटजीज ने 173031 करोड़ का निवेश किया। इस कंपनी ने भी पहले स्थान पर गौतम बुद्ध नगर को ही रखा। साथ में बुलंदशहर, गोरखपुर व गाजियाबाद को भी प्रस्तावित किया गया है। यूएस की इंपीरिया इनोवेशन इन्वेस्टमेंट ने 105000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट गौतम बुद्ध नगर तथा लखीमपुर खीरी के लिए किया।
पश्चिमी उप्र के लिए 45 प्रतिशत, मध्यांचल पिछड़ा, 13 फीसदी ही
इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज ने गोरखपुर के लिए 99999 करोड़ का निवेश, ऑस्टिंग कंसल्टेंटिंग ग्रुप ने शाहजहांपुर के लिए 58100 करोड़, एबीसी क्लीनटेक प्रा.लि. ने मिर्जापुर के लिए 50000 करोड़, एनटीपीसी ने झांसी, सोनभद्र, प्रयागराज, के लिए 42280 करोड़, यूनिकॉर्न एनर्जी जर्मनी ने लखनऊ व जौनपुर के लिए 41500 , कार्तिकेय एम्युसमेंट एंड एट्रेक्शन ने वाराणसी के लिए 41000, जॉन कॉकेरिल ने झांसी के लिए 40000, पीटी वासुदेव ने झांसी के लिए 40000, आरईसी ने वाराणसी, लखनऊ एवं सोनभद्र के लिए 35503, राग हेल्थकेयर ने वाराणसी के लिए 34500 करोड़ का निवेश किया। रेड ऑरियोन ने अयोध्या एवं गौतमबुद्घनगर के लिए 32800 तथा एनआईडीपी ने गौतम बुद्ध नगर में डाटा सेंटर बनाने के लिए 30000 करोड़ का निवेश किया।
मिर्जापुर, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट आदि पिछड़े क्षेत्रों के लिए भी इस बार निवेश हुआ। टस्को ने मुरादाबाद व झांसी के साथ इनके लिए 28169 करोड़ का निवेश किया। इसकी तरह चित्रकूट के लिए एसीएमई क्लीनटेक ने 27500 करोड़ का निवेश किया गया। अदाणी लॉजिस्टिक ने मेरठ, कानपुर नगर, गाजियाबाद, हापुड़ आदि के लिए भी 24200 करोड़ का निवेश किया।
इन सेक्टर में हुआ निवेश
गौतम बुद्ध नगर में सबसे ज्यादा मैन्युफैक्चिरंग विकास, टैक्सटाइल, लॉजिस्टिक, ऊर्जा आदि के लिए निवेश हुआ तो गोरखपुर, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, झांसी के लिए शिक्षा के सेक्टर में ज्यादा निवेश किया गया। वाराणसी में टूरिज्म तथा स्वास्थ्य, चित्रकूट, लखनऊ के लिए नवीकरणीय ऊर्जा व इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहा। अयोध्या में हाउसिंग, रीयल एस्टेट, बरेली में लॉजिस्टिक पर निवेश किया गया।