हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति की राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने इस योजना में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हुए राज्य सरकार का इसी साल 21 फरवरी का दिया आदेश रद्द कर दिया।
जस्टिस सुधीर कुमार सक्सेना ने यह फैसला मदरसा शिक्षा एसोसिएशन व अन्य की याचिकाओं पर दिया।
गौरतलब है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने 21 फरवरी, 2014 को छात्रवृत्ति की राशि सीधे खातों में भेजने का आदेश दिया था।
इस आदेश को अखिलेश सरकार के लिए झटका माना जा रहा है। अपने फैसले में बेंच ने इस योजना में भ्रष्टाचार रोकने को भी कहा है।
बेंच ने कहा कि पिछले साल करीब छह लाख छात्रों ने तीन महीने में ही छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था।