हाईकोर्ट ने पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में पुलिस मेडिकल बोर्ड द्वारा अनफिट करार दिए गए अभ्यर्थियों की जांच के लिए अलग मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याचीगण के जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों से कहा है कि वह तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड बनाकर अभ्यर्थियों की जांच कर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजें। संदीप कुमार और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह, सिद्धार्थ खरे का कहना था कि पुलिस मेडिकल बोर्ड ने याचीगण को विभिन्न शारीरिक अक्षमताओं और बीमारियों के आधार पर अनफिट घोषित कर दिया है, जबकि उन्होंने अपने जिला चिकित्सालयों से मेडिकल फिटनेस का प्रमाणपत्र लिया हुआ है। उनको कोई बीमारी नहीं है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि याचीगण अपने जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों के समक्ष प्रत्यावेदन दें और सीएमओ पुलिस मेडिकल बोर्ड द्वारा बताई गई बीमारी के अनुसार तीन विशेषज्ञ डाक्टरों का पैनल बनाकर उनकी जांच कराएं। याचीगण को इसके लिए पांच हजार रुपये सीएमओ के पास जमा कराने होंगे। सीएमओ संबंधित जिले के एसएसपी को इसकी सूचना देंगे।
एसएसपी एक एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी को नियुक्त करेंगे जो मेडिकल जांच के समय मौजूद रहेंगे। याचीगण को अपना पहचान प्रमाणपत्र भी मेडिकल जांच के समय देना होगा। सीएमओ अपनी रिपोर्ट 24 अगस्त तक हाईकोर्ट भेजेंगे। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही कोर्ट आगे की सुनवाई करेगी।