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पैसे के लिए घंटों लाइन में खड़े लोगों की भावना का रखें ख्याल : हाईकोर्ट

Tue, 22 Nov 2016 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नोटबंदी के बाद बैंकों व एटीएम पर लगी लाइनों में होने वाली तनातनी के दौरान नागरिकों की भावनाओं का ख्याल रखने को कहा है। अपनी जरूरतों के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने की वजह से विवाद होने पर लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए विवादों की जांच की जानी चाहिए।
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जस्टिस अजय लांबा और जस्टिस डॉ. विजय लक्ष्मी ने यह टिप्पणी फैजाबाद में कुछ युवकों द्वारा कैशियर को काम करने से रोकने और घात लगाकर हमला करने के मामले में दर्ज एफआईआर खारिज करवाने को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान की।

फैजाबाद के महराजगंज थाने के पूरा बाजार में शिवेंद्र सिंह व अन्य युवकों पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें कहा गया कि आरोपी युवक नोटबंदी के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा में अपना काम करवाने पहुंचे थे।
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उन्हें लाइन तोड़ने से रोका गया, पर वे नहीं माने। वे जबरन बैंक में घुसे और कैशियर ऑफिस में पहुंचकर काम रुकवा दिया। उन्होंने कैशियर को धमकाया। शाम को जब कैशियर घर लौट रहा था तो उन्होंने घात लगाकर उसे जान से मारने का प्रयास किया।
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कैशियर के शरीर पर घाव नहीं जो हमले की पुष्टि करे...

याचिका में युवकों का कहना था कि आरोप झूठा है और जिस समय की घटना बताई जा रही है, उस समय वे एसएसपी फैजाबाद के ऑफिस में बैठे थे। अदालत चाहे तो ऑफिस की सीसीटीवी फुटेज देख सकती है।

वहीं, कैशियर के शरीर पर एक भी ऐसा घाव नहीं है जो जानलेवा हमले की पुष्टि करता हो। आरोपियों ने कहा कि कैशियर और बैंक का स्टाफ भेदभाव करके कुछ खास लोगों को लाइन तोड़कर अंदर घुसा रहा था। जबकि वे लोग चार-पांच घंटे से लाइन में खडे़ थे और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो तनातनी हुई। बाद में घात लगाकर हमला करने का आरोप झूठा है, ऐसी कोई घटना नहीं हुई।

अदालत ने निर्देश दिए हैं कि आरोपियों को फिलहाल हिरासत में न लिया जाए, लेकिन वे जांच में पूरा सहयोग करें। जांच अधिकारी एसएसपी ऑफिस और बैंक के सीसीटीवी फुटेज देखेंगे और आरोपों की प्रामाणिकता जांचेंगे।

कैशियर को आई चोटों पर भी वे रिपोर्ट देंगे। सीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह मामले की रोजाना जांच करें। कोर्ट ने कहा कि घंटों कतार में खड़े नागरिक अपनी जरूरतों के लिए प्रतीक्षारत हैं। जांच के दौरान इनकी भावनाओं का ख्याल रखा जाए।
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