हाईकोर्ट की लखनऊ ने स्वाइन फ्लू पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि इसकी दवा टैमी फ्लू और मास्क मगाएं और बचाव के पुख्ता इंतजाम करें। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने ताकीद की कि भीड़-भाड़ वाली जगहों जैसे स्कूल-कॉलेज, अस्पतालों, बस व रेलवे स्टेशनों पर बीमारी को फैलने से रोकने के भरपूर इंतजाम किए जाएं। खास तौर पर बच्चों को इससे बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों की भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
न्न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा व न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश खुली अदालत में लंबित पीआई एल पर दिया।
अदालत के आदेश पर डीजी हेल्थ विजयलक्ष्मी, लखनऊ के डीएम राजशेखर, सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव व नगर स्वास्थ्य अधिकारी पेश हुए। हालांकि उनकी ओर से दी गई जानकारी से अदालत पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुई।
हर पहलू पर ली जानकारी
अदालत ने अफसरों से पूछा कि जिला प्रशासन ने स्वाइन फ्लू रोकने के लिए क्या उपाय किए हैं। अदालत ने यह भी पूछा कि हमें समस्या बताएं, हम निर्देश जारी करेंगे।
इस पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर केंद्र की गाइडलाइन बताई तो कोर्ट ने व्यावहारिक व लोगों को तुरंत राहत के लिए कदम उठाने को कहा।
याची त्रिपुरेश त्रिपाठी की वकील नूतन ठाकुर का आरोप था कि दवाओं व संसाधनों की कमी के चलते लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे है और जान भी गंवा रहे हैं।
राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने अदालत को बताया कि सरकार खुद इस बीमारी से लोगों की हिफाजत के लिए मुकम्मल इंतजाम कर रही है।
हाईकोर्ट ने ये जारी किए निर्देश
1. हर सरकारी अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा मुहैया कराएं।
2. केंद्र व राज्य के तालमेल से टैमी फ्लू दवा उपलब्ध कराएं।
3. स्कूलों-कालेजों, अस्पतालों, रेलवे व बस स्टेशनों, एयरपोर्ट, सिनेमा हाल, मॉल्स में मास्क उपलब्ध कराएं।
4. जिला प्रशासन एयर कंडीशन भवनों, स्कूलों, कालेजों, कोचिंगों के प्रवेश द्वारों पर मास्क उपलब्ध कराए जाएं।
5. नगर स्वास्थ्य अधिकारी लखनऊ शहरी क्षेत्र में ठीक से सफाई कराएं।
6. सरकार तुरंत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कालेजों में स्वाइन फ्लू की रोकथाम व इलाज की सुविधाएं बढ़ाए और निगरानी के लिए प्रभावी निर्देश जारी करे।