उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) की योजना स्किल डवलपमेंट इनिशिएटिव (एसडीआई) के पहले चरण में लगभग 10 हजार अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण फंस गया है। इसका कारण है केंद्र सरकार द्वारा प्रशिक्षण केंद्रों के लिए नए निर्देश जारी करना।
अब केवल वही प्रशिक्षण केंद्र इसके अंतर्गत कोर्स चला सकेंगे जिनके यहां जीपीएस/जीपीआरएस सुविधायुक्त बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीनें होंगी। इससे अभ्यर्थियों का पूरा डाटा रियल टाइम में सर्वर पर अपलोड होगा। नियम में बदलाव से नए अभ्यर्थियों के बैच शुरू नहीं हो रहे। मालूम हो कि योजना की शुरुआत में साधारण बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की व्यवस्था थी।
प्रशिक्षण केंद्रों पर हो रही कहासुनी
एसडीआई के पहले चरण में 31 मार्च, 2015 तक 77,721 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण होना था। इनमें लगभग 67 हजार का प्रशिक्षण हो चुका।
केंद्र से यूपीएसडीएम को नए निर्देश आने से पहले कुछ प्रशिक्षण केंद्रों ने नए बैच के अभ्यर्थियों की डेमो क्लासेज भी चला दीं। लेकिन जैसे ही उनकी मुख्य कक्षाएं शुरू होनी थीं तो बताया गया कि नया बैच नियम पूरे होने तक अप्रूव नहीं होगा। कुछ प्रशिक्षण केंद्रों पर इसे लेकर आए दिन कहासुनी हो रही है।