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यूपी में अटकी मोदी सरकार की बड़ी योजना!

Thu, 26 Feb 2015 09:02 AM IST
शैलेश अरोड़ा/अमर उजाला, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) की योजना स्किल डवलपमेंट इनिशिएटिव (एसडीआई) के पहले चरण में लगभग 10 हजार अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण फंस गया है। इसका कारण है केंद्र सरकार द्वारा प्रशिक्षण केंद्रों के लिए नए निर्देश जारी करना।
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अब केवल वही प्रशिक्षण केंद्र इसके अंतर्गत कोर्स चला सकेंगे जिनके यहां जीपीएस/जीपीआरएस सुविधायुक्त बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीनें होंगी। इससे अभ्यर्थियों का पूरा डाटा रियल टाइम में सर्वर पर अपलोड होगा। नियम में बदलाव से नए अभ्यर्थियों के बैच शुरू नहीं हो रहे। मालूम हो कि योजना की शुरुआत में साधारण बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की व्यवस्था थी।

प्रशिक्षण केंद्रों पर हो रही कहासुनी
एसडीआई के पहले चरण में 31 मार्च, 2015 तक 77,721 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण होना था। इनमें लगभग 67 हजार का प्रशिक्षण हो चुका।

केंद्र से यूपीएसडीएम को नए निर्देश आने से पहले कुछ प्रशिक्षण केंद्रों ने नए बैच के अभ्यर्थियों की डेमो क्लासेज भी चला दीं। लेकिन जैसे ही उनकी मुख्य कक्षाएं शुरू होनी थीं तो बताया गया कि नया बैच नियम पूरे होने तक अप्रूव नहीं होगा। कुछ प्रशिक्षण केंद्रों पर इसे लेकर आए दिन कहासुनी हो रही है।
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खत्म होगी फर्जीवाड़े की गुंजाइश

फिलहाल नई मशीनों की व्यवस्था लागू होने से अभी दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन लंबे समय में इसका लाभ मिलना तय है। आईटी विशेषज्ञों की मानें तो पहले वाली व्यवस्था में गड़बड़ी की संभावना रहती थी। जैसे यूपीएसडीएम के सर्वर पर डाटा अपलोड करते समय उसमें छेड़छाड़ करके बिना बैच चलाए या अनुपस्थित छात्र की भी उपस्थिति दर्ज कर देना।

इसके अलावा प्रशिक्षण केंद्र की लोकेशन जहां अप्रूव हुई है उससे अलग कहीं और कक्षाएं चलाना। इसी वजह से योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो सकता था। नई मशीनों से उपस्थिति का रियल टाइम डाटा सेंट्रल सर्वर पर अपने आप चला जाएगा।

यूपीएसडएम निदेशक रितु माहेश्वरी का कहना है कि प्रदेश में 1400 प्रशिक्षण केंद्र हैं। सभी को नई मशीनें लगाने के निर्देश हैं। कुछ ने मशीनें लगवानी शुरू कर दी हैं।

जैसे-जैसे मशीनें लगेंगी बैच अप्रूव करके प्रशिक्षण होता रहेगा। योजना का पूरा काम केंद्र के निर्देशानुसार हो रहा है। अभ्यर्थियों का नुकसान नहीं होगा, सभी का प्रशिक्षण कराया जाएगा।
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