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गुस्साईं नर्स, डॉक्टर को बना लिया बंधक

Fri, 31 Jan 2014 10:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशालय में बृहस्पतिवार को हाईवोल्टेज ड्रॉमा हुआ।
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रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. वीके शुक्ला को बृहस्पतिवार को राजकीय नर्सेज संघ ने बंधक बना लिया।

सीएमएस पर एक नर्स ने उत्पीड़न और कोर्ट में चल रहे केस के दस्तावेज देखने का आरोप लगाया था। मौके पर मौजूद संघ के पदाधिकारियों ने ढाई घंटे तक सीएमएस को संयुक्त निदेशक परिचायिका के कमरे में बैठाए रखा।

महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. अमर सिंह राठौर के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्ष शांत हुए। नर्स के आरोपों की जांच के आदेश दिए गए हैं।

नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि सीएमएस डॉ. वी.के. शुक्ला बृहस्पतिवार को संयुक्त निदेशक परिचायिका शोभा ए.वी.मिश्रा के कमरे में बैठे थे। वहां उन्होंने लक्ष्मीबाई अस्पताल में तैनात रही नर्स शोभा तिवारी के केस से जुड़ी फाइल मांगी और पढ़ने लगे।
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इसकी सूचना महानिदेशालय में ही मौजूद शोभा तिवारी को लग गई। उसने पहले तो वहां पहुंचकर सीएमएस को फाइल देखने देने का विरोध किया। जब उसकी नहीं सुनी गई तो शोभा ने महानिदेशालय में मौजूद नर्सेज संघ की अध्यक्ष पूनम शर्मा और महामंत्री अशोक कुमार से शिकायत की।

इसके बाद संघ के दर्जनों पदाधिकारी और सदस्य संयुक्त निदेशक के कमरे में पहुंचे और डॉ. वी.के.शुक्ला को बंधक बना लिया। पदाधिकारियों ने सीएमएस से नर्स शोभा तिवारी के साथ किए जा रहे व्यवहार पर रोष जताया और कहा कि गलत आरोप लगाकर उनका शोषण किया जा रहा है।

सीएमएस ने शोभा का स्थानांतरण भी गैर जनपद में करा दिया। शोभा ने इसके विरोध में कोर्ट में केस किया है, डॉ. शुक्ला उसी फाइल को मांगकर पढ़ रहे थे।

इसी बीच शोभा वहां पहुंच गई। डेढ़ घंटे तक संयुक्त निदेशक के कमरे में चले हंगामे के बाद दोनों पक्ष डीजी हेल्थ डॉ. राठौर के पास पहुंच गए। लगभग एक घंटे तक चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए।

डॉ. राठौर ने मामले की जांच के आदेश देकर मामला शांत कराया। शाम चार बजे शुरू हुआ ड्रामा लगभग 6.30 बजे खत्म हुआ।

वहीं सीएमएस डॉ. वीके शुक्ला का कहना है कि नर्स झूठे आरोप लगा रही है। महानिदेशालय में अपने काम से आया था। कोर्ट में चल रहे केस के लिए एफिडेविट देना था। इसके लिए फाइल देखना जरूरी था।

ये प्रकरण डेढ़ वर्ष से चल रहा है। नर्स का दूसरे जगह स्थानांतरण भी कर दिया गया है, लेकिन उसने वहां जॉइन नहीं किया है और मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
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ये है मामला
महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि नर्स शोभा तिवारी का आरोप है कि 2011 में वह रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय में में काम कर रही थी। सीएमएस डॉ. वी.के.शुक्ला ने उस पर गलत आरोप लगाकर स्थानांतरण करवा दिया।

इस मामले की जांच शासन में चल रही है। साथ ही शोभा तिवारी ने इस मामले में कोर्ट में भी केस दायर किया है।

संघ ने स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन को नवंबर में पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की थी, लेकिन मामला सिफर रहा।
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