बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा दिए जाने तथा बच्चों के हकों की
हिफाजत संबंधी कानूनी प्रावधानों को सूबे में अमल में लाए जाने के मामले
में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार को हफ्ते भर में जवाब दाखिल करने
का आखिरी मौका दिया है।
इसके बाद तीन दिन में याची की तरफ से प्रति उत्तर
दाखिल किया जा सकेगा। अदालत ने इस आदेश की कॉपी प्रदेश के प्रमुख सचिव विधि
को भेजने के निर्देश देते हुए कहा है कि वे इसका पालन सुनिश्चित कराएंगे।
जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने
यह आदेश यूपी बेसिक शिक्षक संघ की तरफ से दायर पीआईएल पर दिया।
20
नवंबर 2013 को कोर्ट ने मामले में पक्षकारों केंद्र व राज्य सरकार को छह
हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
यह बताने को कहा
गया था कि मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के एक प्रावधान के तहत कब
राज्य सरकार राज्य सलाहकार परिषद बनाने की व्यवस्था का पालन करेगी।
साथ ही
अदालत ने यह भी स्पष्ट करने को कहा था कि बच्चों के हकों की हिफाजत संबंधी
2005 के कानून के एक प्रावधान के तहत कब राज्य सरकार एक राज्य आयोग बनाने
संबंधी व्यवस्था का पालन करेगी।