फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुरे फंसे अखिलेश, गैंगरेप केस पर हाईकोर्ट भी सख्त

Tue, 03 Jun 2014 11:37 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद स्थित उच्च्ा न्यायालय की लखनऊ खंड पीठ ने बदायूं दो बहनों के रेप और हत्याकांड पर सख्त रुख अपनाया है।
विज्ञापन


जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा की अध्यक्षता में गठित इस हुई बेंच ने सरकार को अदालत में एफआईआर की कॉपी और पोस्ट मार्टम रिर्पोट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

उधर, राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सरकार इस मामले में गंभीरता दिखा रही है और कई बड़े आला अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन कोर्ट में सीबीआई जांच के ऑर्डर को अदालत में पेश नहीं कर सकी है।

वकील नेल्स लेनन का कहना है कि सरकार अदालत में सीबीआई जांच के आदेश की प्रति भी अदालत में पेश करे। लेनन ने इस पर एक जनहित याचिका भी दायर की है। मामले की अगली सुनवाई सात दिन बाद होगी।
विज्ञापन

प्रमुख सचिव गृह भी नपे

बदायूं रेप और मर्डर केस में देश भर में आलोचना का सामना कर रही प्रदेश सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला करते हुए प्रमुख सचिव गृह को हटा दिया है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने यह फैसला बदायूं में हुए रेप और मर्डर केस में हो रही प्रदेश सरकार की किरकिरी और शासन व्यवस्‍था में ढील के कारण उठाया।

गौरतलब है कि सूबे की सरकार पर मामले में कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है, दबाव बढ़ता देख मुख्यमंत्री अखिलेश ने सीबीआई जांच के लिए भी हामी भर दी है।
विज्ञापन

और सियासत भी जारी है...

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से बदायूं मामले पर जमकर सियासत हो रही है। रविवार को प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी पीड़िता के परिवार वालों से मुलाकात की थी।

वहीं, भाजपा की महिला मोर्चा ने मामले पर विरोध जताने के लिए सोमवार को एनेक्सी का घेराव किया था।

उधर, राहुल गांधी, मीरा कुमार, रामविलास पासवान जैसे बड़े नेता भी बदायूं जाकर पीड़ित परिवार से मिल चुके हैं। इसके अलावा सोमवार को राज्यपाल बी.एल जोशी ने भी मुख्‍यमंत्री से मुलाकात कर इस घटना की पूरी जानकारी ली।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें