लखनऊ। हाईकोर्ट ने राजधानी में वक्फ संपत्ति पर कथित अवैध निर्माण के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि संबंधित भूमि पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की मंजूरी के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने सुनवाई के दौरान ऐसी निर्माण गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया। यह आदेश वक्फ भूमि के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से जारी किया गया है। यह मामला अंसार अहमद की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के संज्ञान में आया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वक्फ संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है और निर्माण कार्य नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे हैं। इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने निर्देश जारी किएए जिससे भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके।