मरीजों के साथ असंवेदनशीलता दिखाने वाले डॉक्टरों को हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने डॉक्टरों की इस हड़ताल को अवैध घोषित किया है साथ ही आदेश दिया कि भविष्य में अगर डॉक्टर हड़ताल पर जाते हैं तो उन पर हत्या का मुकदमा चलाया जाए।
अपने आदेश में हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि डिस्ट्रिक्ट जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाए और सरकार मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये दे।
ये फैसला न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव और सुधीर अग्रवाल की बेंच ने दिया। बता दें कि यूपीपीजीएमई की री-काउंसलिंग के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी थी। डॉक्टरों की इस हड़ताल के चलते 26 मरीजों की जान जा चुकी है।