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CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं को राहत, कोर्ट ने प्रदर्शन रोकने की याचिका खारिज की

Fri, 31 Jan 2020 11:02 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के घंटाघर पार्क में धरना-प्रदर्शन रोकने की जनहित याचिका खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश दो स्थानीय वकीलों शिशिर चतुर्वेदी और आशुतोष मिश्र की याचिका पर दिया।

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इसमें याचियों ने शहर में शांति व कानून-व्यवस्था को भंग करने में लिप्त पाए जाने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अफसरों को देने का भी आग्रह किया था।

उधर, राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों के अधिवक्ता पेश हुए। अदालत ने कहा कि बीती 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ऐसे समान मुद्दों वाले मामले किसी भी हाईकोर्ट में निर्णय के लिए ग्रहण नहीं किए जाएंगे।
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इस पर यचियों ने याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। साथ ही जनहित याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया। घंटाघर पार्क में कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है।

महिलाओं को भड़काने में 13 नामजद, सैकड़ों अज्ञात लोगों पर केस

- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सीएए व एनआरसी के खिलाफ घंटाघर पर गत 17 जनवरी से मुस्लिम महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए बाहर से महिलाओं का समर्थन करने पर सैकड़ों पुरुषों को ठाकुरगंज पुलिस ने चिह्नित किया है। इनमें 13 नामजद सहित सैकड़ों अज्ञात लोगों पर बृहस्पतिवार रात मुकदमा दर्ज किया गया है।
 
 
मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इसमें पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दो संदिग्ध कार्यकर्ता भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है। एडीसीपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घंटाघर पर सीएए व एनआरसी के खिलाफ महिलाएं पिछले 15 दिनों से प्रदर्शन कर रही हैं। इसमें कुछ पुरुष भी शामिल हो रहे हैं, जो महिलाओं को उकसा रहे हैं।

इन्हें पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। इसमें से 13 नामजद और सैकड़ों अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

इन पर दर्ज किया गया मुकदमा

- फोटो : अमर उजाला
एडीसीपी के मुताबिक मो. ताहिर, जुगनू, सफीक, मो. शान खान, रहबर, दाऊद, उज्जमा परवीन, मो. सैफ, नदीम अंसारी सहित साहित्यकार दीपक कबीर, रिहाई मंच के अध्यक्ष मो. शोएब के अलावा दो पीएफआई के संदिग्ध कार्यकर्ता शावेज अहमद व तुफैल सिद्दीकी व सैकड़ों अन्य पर मुकदमा दर्ज किया गया है। दीपक कबीर, शावेज और मो. शोएब को 19 दिसंबर को परिवर्तन चौक पर हिंसक प्रदर्शन में गिरफ्तार किया गया था।
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पुलिस से उलझ गए थे

- फोटो : अमर उजाला
एडीसीपी के मुताबिक बृहस्पतिवार रात नादान महल रोड निवासी मो. ताहिर, हुसैनाबाद निवासी जुगनू, नाका निवासी मो. शान खान, बिजनौर निवासी रहबर, हसनगंज निवासी दाउद, डालीगंज निवासी शावेज, रामगंज ठाकुरगंज का शफीक और बीकेटी निवासी तुफैल सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया है।

बृहस्पतिवार को धरने में शामिल युवकों के एक गुट ने प्रदर्शनकारी महिलाओं के लिए टेंट लगाने की तैयारी कर ली थी। टेंट हाउस से कनात व गद्दे मंगाए जा चुके थे। इसकी जानकारी पर एसआई राहुल द्विवेदी ने टेंट लगाने की कोशिश कर रहे युवकों को रोक दिया।

इस पर प्रदर्शनकारी युवक आक्रोशित हो गए और पुलिस से उलझने लगे। इसी बीच कैंडल मार्च निकालने की भी तैयारी थी। हाथों में मोमबत्ती लेकर सैकड़ों लोग पार्क में जमा होने लगे। चेतावनी देकर लोगों को हटाया गया।
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