मामले का खुलासा होने पर जब विवेचना हुई तो डॉ. अल्का राय ने खुद स्वीकार किया कि मुख्तार अंसारी के लोग उनके पास कुछ दस्तावेज लेकर आए थे, जिस पर उन्होंने भय व दबाव में दस्तखत कर दिए। यही नहीं विवेचना शुरू होने के बाद महिला चिकित्सक पर यह दबाव भी डाला गया कि वह कहे कि मुख्तार की पत्नी अफसा अंसारी चार-पांच दिन के लिए एंबुलेंस को किराए पर पंजाब ले गई थी। जबकि एंबुलेंस का इस्तेमाल अत्याधुनिक अवैध हथियारों से लैस मुख्तार के लोगों को लाने ले जाने के लिए किए जाने का आरोप है।
कोर्ट ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज 56 आपराधिक मुकदमों का जिक्र करते हुए आदेश में कहा कि लोगों के दिल व दिमाग में अभियुक्त का भय है। ऐसे में कोई भी उसे या उसके आदमियों को चुनौती देने की हिम्मत नहीं करता। लिहाजा अभियोजन की इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि अभियुक्त जमानत पर बाहर आकर साक्ष्यों व गवाहों को प्रभावित करेगा।