राजनीतिक दलों को विदेशी चंदा मिलने संबंधी पीआईएल पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्र सरकार व भारत निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई 28 नवंबर को इस संबंध में जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश महिला सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की पीआईएल पर दिया।
याची ने साल भर पहले 17 अक्तूबर 2012 को प्रकाशित एक खबर का हवाला देकर 26 अक्तूबर 2012 व 5 जून 2013 को केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रत्यावेदन व रिमाइंडर भेजे थे।
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इनमें आग्रह किया गया था कि चुनाव लड़ने वाली राजनीतिक पार्टियों को चुनावी चंदा कहां से मिलता है, इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
याची का यह भी कहना था कि कहीं राजनीतिक दल विदेशी चंदा नियामक कानून 2010 का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं।
इसकी भी जांच करानी चाहिए। यह अधिनियम चुनाव लड़ने वालों व पार्टियों को विदेशी चंदा लेने से रोकता है।
मामले की सुनवाई के समय पेश हुए निर्वाचन आयोग व केंद्र सरकार केवकीलों को कोर्ट ने इस मामले में निर्देश प्राप्त कर पक्ष व जानकारी पेश करने को कहा है।
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