छह दिसंबर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सूबे में धार्मिक आयोजन, उत्सव, रैली, सभा और जुलूस पर रोक लगा दी गई है।
एडीजी लॉ एंड आर्डर मुकुल गोयल ने सभी जनपदों के पुलिस प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
गोयल ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों को चिह्नित कर उन पर नजर रखने व जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के लिए कहा है।
विवादित ढांचा गिराए जाने की 21वीं बरसी
छह दिसंबर को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने की बरसी है। हर साल इस दिन सूबे में संवेदनशीलता बढ़ जात है। एक संप्रदाय काली पट्टी बांधकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन देकर घटना पर विरोध प्रकट करते हैं, जबकि दूसरे संप्रदाय के लोग इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाते हैं।
इस दौरान कभी-कभी तनाव के हालात पैदा हो जाते हैं। एडीजी लॉ एंड आर्डर ने हालात पर नियंत्रण रखने और आवश्यक सेवाएं जारी रखने के लिए सभी जनपदों में धारा 144 लागू करने के आदेश दिए हैं।
शांति समितियों की बैठक कर शांति व्यवस्था में उनका सहयोग लेने के लिए भी कहा है। शुक्रवार को पटाखों की दुकानें भी बंद रहेंगी। शस्त्र व शराब की दुकानों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
अफवाहों को रोकने के भी इंतजाम
एडीजी ने कहा कि अगर कोई ज्ञापन देना चाहता है तो उसे जुलूस बनाकर कचेहरी, तहसील व अन्य स्थानों पर जाने की अनुमति न दी जाए। मजिस्ट्रेट खुद जुलूस के उद्गम स्थल पर जाकर ज्ञापन लें। संवेदनशील स्थानों पर एडीजी ने पुलिस की ड्यूटी लगाने व अफवाहों की रोकथाम के इंतजाम के लिए कहा है।
मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र व सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील इलाकों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल दंगा निरोधक उपकरणों से लैस रहेंगे।
पीएसी के साथ जिला पुलिस का एक दरोगा गाइड के रूप में रहेगा। उन्होंने कंट्रोलरूम को छोटी से छोटी घटनाओं की सूचना अफसरों को देने का आदेश दिया है।