लखनऊ। डर दुश्मन है और साहस जीत... यह संदेश गूंजा शनिवार को करामत गर्ल्स एडेड पीजी कॉलेज, निशातगंज में, जहां अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसीपी अपूर्वा पांडेय ने छात्राओं को आत्मविश्वास और जागरूकता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अपराध छिपाने से अपराधी का दुस्साहस बढ़ता है। डरने की जगह बोलना जरूरी है।
एसीपी ने कहा कि किसी भी परेशानी या खतरे की स्थिति में छात्राएं तुरंत 1090 या 112 पर कॉल करें। पिंक बूथ बने हैं। बस जरूरत है समय पर अपराध के बारे में सूचना देने की। उन्होंने बताया कि पुलिस हर समय तैनात है और 1090 पर कॉल करने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। हर सड़क पर पुलिस है, बस हिम्मत दिखाने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को महिला अपराध, साइबर क्राइम व यातायात नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
साइबर क्राइम से सतर्क रहें, जागरूकता है सबसे बड़ा हथियार
कार्यक्रम में साइबर क्राइम सेल के दरोगा आदिल हुसैन, महिला सिपाही संध्या और अनीता ने छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहना जरूरी है। किसी को भी अपनी निजी जानकारी, फोटो या वीडियो साझा न करें। साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है सावधानी और जागरूकता।
पुलिस की पाठशाला।
पुलिस की पाठशाला।
पुलिस की पाठशाला।
पुलिस की पाठशाला।
पुलिस की पाठशाला।
पुलिस की पाठशाला।
पुलिस की पाठशाला।
पुलिस की पाठशाला।
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